शनिवार को शनि देव की विधि-विधान से पूजा करें।
पीपल के पेड़ को पूजनीय मानकर 21 बार परिक्रमा करें।
घोड़े की नाल का छल्ला धारण करें।
गरीबों को अनाज और कपड़े दें।
शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें।
शनि देव के मंत्रों का जाप करें।
शनि देव की चालीसा का पाठ करें।