विनेश फोगट की वापसी: चुनौतियों के बीच संघर्ष और प्रेरणा

विनेश फोगट, भारत की प्रमुख पहलवान, ने अपने करियर में कई चुनौतियों का सामना किया है। यौन उत्पीड़न के आरोपों के खिलाफ लड़ाई से लेकर ओलंपिक में अयोग्यता तक, उनकी यात्रा प्रेरणादायक है। हाल ही में, उन्होंने एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लिया, जहां उन्हें कई बाधाओं का सामना करना पड़ा। इस लेख में जानें कि कैसे विनेश ने अपने संघर्षों के बावजूद वापसी की और अपने लक्ष्य को हासिल करने की ठानी।
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विनेश फोगट का संघर्ष

भारत की प्रसिद्ध पहलवान विनेश फोगट ने हमेशा चुनौतियों का सामना किया है। हरियाणा के फोगट परिवार की प्रतिभाशाली सदस्य के रूप में उन्होंने अपने करियर की शुरुआत की और तब से वह एक उज्ज्वल सितारे के रूप में उभरी हैं। एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता, दो बार की विश्व चैंपियनशिप की पदक विजेता और तीन बार की ओलंपियन, विनेश ने अपने जीवन का अधिकांश समय मैट पर खुद को साबित करने में बिताया है। लेकिन 2023 में, उनका जीवन एक महत्वपूर्ण मोड़ पर आया जब उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए। विनेश ने न्याय की मांग के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया, लेकिन मामला अभी भी लंबित है।

इसके बाद, कठिनाइयाँ उनके साथ बनी रहीं। 2024 के पेरिस ओलंपिक में, वह 50 किलोग्राम श्रेणी में स्वर्ण पदक मुकाबले से पहले 100 ग्राम अधिक वजन के कारण अयोग्य ठहराई गईं। घर लौटने पर, उन्हें कुश्ती संघ द्वारा राष्ट्रीय शर्म का तमगा दिया गया। जब उन्होंने मातृत्व के बाद वापसी की कोशिश की, तो उन्हें एशियाई खेलों के चयन ट्रायल में भाग लेने का अधिकार पाने के लिए कानूनी लड़ाई का सामना करना पड़ा।


चुनौतियों का सामना

जब विनेश ने इंदिरा गांधी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में ट्रायल के दिन सुबह 6:30 बजे प्रवेश किया, तो उन्हें हर कदम पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा। सुरक्षा गार्डों ने उन्हें प्रवेश से रोक दिया, जबकि उन्होंने बार-बार कहा कि उन्हें 7 बजे के वजन के लिए रिपोर्ट करना है। वजन मापने का समय भी सही नहीं था, और उनकी टीम को कुश्ती संघ के कॉल का इंतजार करना पड़ा।

जब वह हॉल के अंदर पहुंचीं, तो उन्हें एक सर्कुलर दिखाया गया जिसमें कहा गया था कि उन्हें केवल 50 किलोग्राम श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति है। विनेश ने इस पर सवाल उठाया और कहा कि यह सर्कुलर उन्हें पहले क्यों नहीं दिया गया। अंततः, उन्हें 53 किलोग्राम श्रेणी में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति मिली।


प्रतिस्पर्धा का माहौल

जब मुकाबले शुरू हुए, तो माहौल पूरी तरह से अराजक था। एक ओर विनेश का कैंप था, जिसमें उनके रिश्तेदार और युवा पहलवान शामिल थे, जबकि दूसरी ओर कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह और उनके समर्थक थे। विनेश ने पहले मुकाबले में 7-1 से जीत हासिल की, लेकिन उनके प्रदर्शन में थोड़ी कमी दिखी।

सेमीफाइनल में, विनेश ने एक कठिन मुकाबला किया, लेकिन अंततः वह हार गईं। हालांकि, उन्होंने कहा कि यह उनकी वापसी का एक महत्वपूर्ण कदम था। उन्होंने संजय सिंह से कहा, "मैं इसी मैट पर वापस आऊंगी।"