रॉबिन उथप्पा ने ICC टूर्नामेंटों की आवृत्ति पर उठाए सवाल

पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने आईसीसी टूर्नामेंटों की बार-बार आयोजित होने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इससे प्रशंसकों के लिए इन आयोजनों की ताजगी और महत्व कम हो रहा है। उथप्पा ने सुझाव दिया कि आईसीसी चैंपियनशिप को इस तरह से आयोजित किया जाना चाहिए कि यह खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण बनी रहे। उनका मानना है कि क्रिकेट को प्रशासनिक स्तर पर विकसित होने की आवश्यकता है और हर साल टूर्नामेंट आयोजित नहीं किए जाने चाहिए।
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रॉबिन उथप्पा ने ICC टूर्नामेंटों की आवृत्ति पर उठाए सवाल

रॉबिन उथप्पा की चिंता

पूर्व भारतीय क्रिकेटर रॉबिन उथप्पा ने हाल ही में कहा कि आईसीसी टूर्नामेंटों की बार-बार आयोजित होने से उनके महत्व और ताजगी में कमी आ रही है। वर्तमान में, उथप्पा दक्षिण अफ्रीका में चल रहे SA20 सीज़न में कमेंट्री कर रहे हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि आईसीसी चैंपियनशिप को इस तरह से आयोजित किया जाना चाहिए कि यह खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण बनी रहे।


हालिया ICC आयोजनों का विवरण

महिला वनडे विश्व कप हाल ही में आयोजित प्रमुख आईसीसी आयोजन था, जो सितंबर से नवंबर 2025 के बीच हुआ। इसके बाद पुरुष टी20 विश्व कप 2026 में 7 फरवरी से 8 मार्च तक आयोजित होगा। इसके अतिरिक्त, आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी फरवरी-मार्च 2025 में होगी, जबकि 2023-25 चक्र के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल पिछले साल जून में खेला गया था। इस प्रकार, कम समय में चार प्रमुख आईसीसी आयोजन हो चुके हैं।


प्रशासनिक विकास की आवश्यकता

डरबन में मीडिया से बातचीत करते हुए, उथप्पा ने कहा कि क्रिकेट को प्रशासनिक स्तर पर सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि हर साल आईसीसी टूर्नामेंटों का आयोजन प्रशंसकों के लिए उनके महत्व को कम कर रहा है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि खेल को प्रशासनिक दृष्टिकोण से विकसित होने की जरूरत है। आज, प्रशंसकों के लिए हर साल होने वाले आईसीसी टूर्नामेंट का कितना महत्व है? इसकी नवीनता फीकी पड़ रही है।"


आईसीसी चैंपियनशिप का महत्व

उथप्पा ने यह भी कहा कि क्रिकेट प्रशासकों को यह समझना चाहिए कि आईसीसी चैंपियनशिप हर साल आयोजित नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि खेल के विकास को अधिकतम करने के लिए अधिकारियों को बदलावों के अनुरूप ढलना होगा। उन्होंने कहा, "हम हर साल आईसीसी चैंपियनशिप आयोजित नहीं कर सकते। यह एक कड़वी सच्चाई है जिसे प्रशासकों को स्वीकार करना होगा।"