राजस्थान रॉयल्स में नया मालिकाना बदलाव, लक्ष्मी मित्तल और अदार पूनावाला की टीम का अधिग्रहण

राजस्थान रॉयल्स में एक महत्वपूर्ण मालिकाना बदलाव होने जा रहा है, जिसमें लक्ष्मी मित्तल और अदार पूनावाला का समूह शामिल है। यह सौदा लगभग 1.65 अरब डॉलर में हुआ है और इसमें पार्ल रॉयल्स और बारबाडोस रॉयल्स भी शामिल हैं। मित्तल परिवार को 75 प्रतिशत हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए नियामकीय मंजूरी आवश्यक होगी। जानकारों का मानना है कि यह सौदा आईपीएल की बढ़ती आर्थिक शक्ति को दर्शाता है और इससे लीग की व्यावसायिक क्षमता में वृद्धि हो सकती है।
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राजस्थान रॉयल्स में नया मालिकाना बदलाव, लक्ष्मी मित्तल और अदार पूनावाला की टीम का अधिग्रहण gyanhigyan

राजस्थान रॉयल्स का नया अधिग्रहण

राजस्थान रॉयल्स में नया मालिकाना बदलाव, लक्ष्मी मित्तल और अदार पूनावाला की टीम का अधिग्रहण


आईपीएल की एक प्रमुख टीम में मालिकाना हक में महत्वपूर्ण परिवर्तन होने जा रहा है। हालिया जानकारी के अनुसार, उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल, आदित्य मित्तल और अदार पूनावाला के समूह ने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी को लगभग 1.65 अरब डॉलर में खरीदने का समझौता किया है। इस सौदे की आधिकारिक घोषणा जल्द ही होने की संभावना है।


यह सौदा केवल राजस्थान रॉयल्स तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पार्ल रॉयल्स और बारबाडोस रॉयल्स जैसी अन्य टीमों का भी समावेश है। सूत्रों के अनुसार, नियामकीय मंजूरियों के बाद मित्तल परिवार के पास लगभग 75 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी, जबकि अदार पूनावाला के पास लगभग 18 प्रतिशत हिस्सेदारी रहेगी। शेष हिस्सेदारी मौजूदा निवेशकों के पास रहेगी।


इस सौदे को पूरा करने के लिए भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग और आईपीएल संचालन परिषद से मंजूरी आवश्यक होगी। यह प्रक्रिया 2026 की तीसरी तिमाही तक पूरी होने की उम्मीद है।


नए मालिकाना ढांचे के तहत टीम के संचालन में भी बदलाव संभव है। लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनिशा मित्तल भाटिया, अदार पूनावाला और मौजूदा मालिक मनोज बडाले सभी टीम के बोर्ड में शामिल हो सकते हैं।


इससे पहले, इस फ्रेंचाइजी को खरीदने का प्रयास एक अन्य समूह ने किया था, लेकिन फंडिंग और नियामकीय अड़चनों के कारण वह सफल नहीं हो पाया। वर्तमान में राजस्थान रॉयल्स मनोज बडाले की कंपनी के अधीन है, जिसमें कुछ विदेशी निवेशकों की भी हिस्सेदारी है।


विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा आईपीएल के बढ़ते आर्थिक प्रभाव और वैश्विक आकर्षण को दर्शाता है। भविष्य में इससे लीग की व्यावसायिक क्षमता और मजबूत हो सकती है और टीम के प्रदर्शन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।