मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता तीसरा स्वर्ण पदक
मीराबाई चानू की शानदार उपलब्धि
मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी शानदार फॉर्म को जारी रखते हुए तीसरा स्वर्ण पदक जीता। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में उन्होंने 48 किलोग्राम महिला वर्ग में कुल 190 किलोग्राम वजन उठाकर अपने देश के लिए चौथा CWG पदक जीता। उनके ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देश की स्वर्ण पदक जीतने की प्रतीक्षा को समाप्त किया। जीत के बाद मीराबाई की भावनाएं काबू में नहीं रहीं और वे राष्ट्रीय गान के दौरान आंसू बहाने लगीं। CWG और ओलंपिक नियमों के अनुसार, स्वर्ण पदक विजेता के लिए पदक समारोह के दौरान राष्ट्रीय गान बजाया जाता है।
भारत ने अब तक CWG 2026 में एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीते हैं। झंडू कुमार ने कांस्य पदक के साथ भारत की पदक तालिका की शुरुआत की, उन्होंने 130.9 अंक के साथ पदक जीता।
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भारतीय भारोत्तोलक ऋषिकांत सिंह ने पुरुषों की 60 किलोग्राम श्रेणी में देश के लिए पहला रजत पदक जीता। वह स्वर्ण पदक जीतने के करीब थे लेकिन थोड़े से अंतर से चूक गए।
मीराबाई चानू का प्रदर्शन
मीराबाई चानू का प्रदर्शन
मीराबाई चानू ने पदक इवेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया और उनके आसपास कोई नहीं था। उन्होंने स्नैच इवेंट में 85 किलोग्राम उठाया। इसके बाद उन्होंने 82 किलोग्राम के दो लिफ्ट किए। उनका अंतिम लिफ्ट मान्य नहीं हुआ। मीराबाई ने पहले प्रयास में 105 किलोग्राम उठाकर सभी को चौंका दिया, कुल मिलाकर 190 किलोग्राम का वजन उठाया। कोई अन्य भारोत्तोलक 170 किलोग्राम भी नहीं उठा सका।
अपने इवेंट से पहले, मीराबाई ने कहा था कि वह अपनी पूरी क्षमता नहीं लगाएंगी क्योंकि उनका ध्यान एशियाई खेलों पर है। "मैं कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी पूरी कोशिश नहीं करूंगी। मेरा ध्यान एशियाई खेलों पर है, जो बहुत निकट हैं। मैं उसी के अनुसार प्रशिक्षण ले रही हूं। इसलिए मेरा प्रदर्शन और प्रयास इस योजना पर निर्भर करेगा," उन्होंने कहा। उनका प्रदर्शन भारत के लिए CWG 2026 में पहला स्वर्ण पदक जीतने के लिए पर्याप्त था।
नाइजीरिया की रूथ असुक्वो न्योंग ने 168 किलोग्राम उठाकर रजत पदक जीता, जबकि मलेशिया की आइरीन जेन हेनरी ने अपने CWG डेब्यू में 167 किलोग्राम उठाकर कांस्य पदक जीता।
