आरसीबी का नया सुरक्षा प्रस्ताव: एआई-सक्षम कैमरों का उपयोग
आरसीबी का सुरक्षा उपाय
आरसीबी ने केएससीए को एक औपचारिक पत्र भेजकर एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में 300 से 350 एआई-सक्षम कैमरे लगाने का सुझाव दिया है। यह उन्नत तकनीक केएससीए और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भीड़ की आवाजाही को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने, अनुशासित कतार व्यवस्था सुनिश्चित करने, और रीयल-टाइम ट्रैकिंग के माध्यम से अनधिकृत प्रवेश पर नजर रखने में मदद करेगी। इसके साथ ही, यह प्रशंसकों की सुरक्षा को भी बढ़ाएगी।
उन्नत विश्लेषण की क्षमता
यह प्रणाली वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट डेटा के उन्नत विश्लेषण का उपयोग करके जांच की प्रक्रिया को तेज करती है, जिससे त्वरित और सटीक निर्णय लेना संभव होता है। इसकी रीयल-टाइम एआई वीडियो एनालिटिक्स क्षमता हिंसा, अनधिकृत प्रवेश और घुसपैठ जैसी घटनाओं का शीघ्र पता लगाने में सक्षम बनाती है, जिससे कानून प्रवर्तन की त्वरित कार्रवाई में सहायता मिलती है। आरसीबी ने इस पहल की कुल लागत, जो लगभग ₹4.5 करोड़ है, वहन करने का वादा किया है।
स्टाकू के साथ साझेदारी
आरसीबी ने सार्वजनिक सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए स्टाकू नामक प्रौद्योगिकी कंपनी के साथ साझेदारी की है, जो स्वचालन और डेटा-आधारित बुद्धिमत्ता में विशेषज्ञता रखती है। स्टाकू की अत्याधुनिक चेहरे की पहचान तकनीक और भीड़, वस्तुओं, परिधि और वाहनों की निगरानी ने कई राज्य पुलिस बलों को उनकी नियमित निगरानी और जांच में सहायता प्रदान की है। इस तकनीक के एकीकरण से भीड़ प्रबंधन मानकों में सुधार होगा और सभी प्रशंसकों के लिए एक सुरक्षित और निर्बाध मैच दिवस अनुभव सुनिश्चित होगा।
