भारत के निशानेबाजों ने ISSF विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता

भारतीय निशानेबाज पलक और मुकेश ने ISSF विश्व कप ग्रेनेडा में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर नया रिकॉर्ड बनाया। इस जोड़ी ने फाइनल में 487.7 का स्कोर किया, जो न केवल विश्व रिकॉर्ड है, बल्कि जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी है। पलक और मुकेश की इस शानदार उपलब्धि ने भारत की युवा निशानेबाजी प्रतिभा को उजागर किया है। जानें उनके सफर और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए क्या संकेत हैं।
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भारत के निशानेबाजों ने ISSF विश्व कप में स्वर्ण पदक जीता

भारत की युवा निशानेबाजों की शानदार उपलब्धि


भारतीय निशानेबाज पलक और मुकेश ने 7 अप्रैल को ISSF विश्व कप ग्रेनेडा में 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीतकर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया। इस प्रदर्शन ने भारत की वैश्विक निशानेबाजी में बढ़ती ताकत को और मजबूत किया। इस जोड़ी ने फाइनल में 487.7 का स्कोर बनाकर न केवल विश्व रिकॉर्ड बल्कि जूनियर विश्व रिकॉर्ड भी बनाया। पलक ने 243.0 का स्कोर किया, जबकि मुकेश ने उन्हें थोड़ा पीछे छोड़ते हुए 244.7 का स्कोर किया, जिससे दोनों ने प्रतियोगिता में काफी आगे रहकर जीत हासिल की।


उनकी सफलता की कहानी की शुरुआत क्वालिफिकेशन राउंड से हुई, जहां उन्होंने 581-17x का स्कोर बनाकर पदक मैच में जगह बनाई। वे एक मजबूत चीनी टीम के पीछे दूसरे स्थान पर रहे, जिसने 586-23x का स्कोर किया। हालांकि, फाइनल में पलक और मुकेश ने दबाव में शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीतने के लिए पिछड़ने की स्थिति को पलट दिया।


चीन के कियानक्सुन याओ और काई हू ने 484.8 के संयुक्त स्कोर के साथ रजत पदक जीता, जबकि हंगरी के वेरोनिका मेजर और आकोस करोलि नगी ने 414.9 के स्कोर के साथ कांस्य पदक हासिल किया। केवल 18 वर्ष की उम्र में, पलक अपनी अपार क्षमता को साबित कर रही हैं। उन्होंने 2023 एशियाई खेलों में 10 मीटर एयर पिस्टल व्यक्तिगत इवेंट में स्वर्ण और टीम में रजत पदक जीता था। उनके द्वारा खेलों में 242.1 का रिकॉर्ड स्कोर भी पेरिस 2024 ओलंपिक के लिए कोटा स्थान सुनिश्चित करता है।


मुकेश भी भारत के अगले पीढ़ी के निशानेबाजों में एक महत्वपूर्ण नाम बनकर उभरे हैं। एक जूनियर विश्व चैंपियन के रूप में, उन्होंने प्रमुख आयोजनों में अपनी संयम और सटीकता से सभी को प्रभावित किया है। ग्रेनेडा में उनका प्रदर्शन न केवल भारत के लिए स्वर्ण पदक लेकर आया, बल्कि देश की युवा निशानेबाजी प्रतिभा की गहराई और संभावनाओं को भी उजागर किया, जो आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए मजबूत संकेत प्रदान करता है।