IPL 2026: क्वालीफायर 2 में गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टक्कर

आईपीएल 2026 का क्वालीफायर 2 आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। इस मैच से पहले, गुजरात टाइटंस को आरसीबी से हार का सामना करना पड़ा, जबकि राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को हराया। कोच पार्थिव पटेल ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर टिप्पणी की है, जो उनके शानदार प्रदर्शन के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। जानें इस मैच की सभी महत्वपूर्ण बातें और वैभव सूर्यवंशी के बारे में क्या कहा गया।
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IPL 2026: क्वालीफायर 2 में गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टक्कर gyanhigyan

क्वालीफायर 2 का रोमांच

आईपीएल 2026 का क्वालीफायर 2 आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। इस मैच से पहले, गुजरात टाइटंस को आरसीबी से हार का सामना करना पड़ा, जबकि राजस्थान रॉयल्स ने सनराइजर्स हैदराबाद को एकतरफा मुकाबले में हराकर क्वालीफायर 2 में अपनी जगह बनाई।


IPL 2026: क्वालीफायर 2 में गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टक्कर
क्वालीफायर 2 से पहले GT के कोच ने खेला माइंडगेम, वैभव सूर्यवंशी के उम्र पर बोल दी ये बड़ी बात


आज का मैच जीतने वाली टीम आईपीएल 2026 का फाइनल मुकाबला आरसीबी के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 31 मई को खेलेगी। क्वालीफायर 2 से पहले, गुजरात टाइटंस के कोच पार्थिव पटेल ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।


GT के कोच का वैभव सूर्यवंशी पर बयान

गुजरात टाइटंस के सहायक कोच पार्थिव पटेल ने वैभव सूर्यवंशी की उम्र को लेकर चल रही चर्चाओं को समाप्त करने की आवश्यकता बताई है। उन्होंने कहा कि राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ दूसरे क्वालिफायर से पहले हमें सूर्यवंशी के प्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।


पार्थिव पटेल की यह टिप्पणी तब आई है जब सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में शानदार खेल दिखा रहे हैं। उन्होंने 15 मैचों में 242.86 के स्ट्राइक रेट से 680 रन बनाए हैं.


BCCI की वैभव सूर्यवंशी की उम्र पर टिप्पणी

वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी को देखकर उनके आलोचक उनकी उम्र पर सवाल उठा रहे हैं। बीसीसीआई ने उनकी उम्र का पता लगाने के लिए बोन टेस्ट किया था।


रिपोर्ट्स के अनुसार, 2019-20 में वैभव सूर्यवंशी का बोन टेस्ट हुआ था। कागजों पर उनकी उम्र 8.5 साल बताई गई थी, जबकि टेस्ट में यह 10.1 से 10.4 साल के बीच आई थी। BCCI के नियमों के अनुसार, बोन टेस्ट में दो साल का अंतर मान्य है, इसलिए उन्हें क्लीन चिट दे दी गई।