अर्जेंटीना की जीत पर विवाद: इंग्लैंड के खिलाफ फाल्कलैंड बैनर का मामला
अर्जेंटीना की जीत और विवाद
फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस जीत के बाद अर्जेंटीनी खिलाड़ियों ने एक बैनर के साथ जश्न मनाया, जिसमें फाल्कलैंड द्वीपों पर अर्जेंटीना के दावे का उल्लेख था। ब्रिटिश सरकार ने इस घटना पर FIFA से जांच की मांग की है। यह मुकाबला दोनों टीमों के बीच 2002 के बाद पहली बार हुआ था, जिसमें अर्जेंटीना ने अंतिम क्षणों में शानदार वापसी की।
अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने समर्थकों द्वारा दिए गए बैनर के साथ तस्वीरें खिंचवाईं, जिस पर लिखा था "Las Malvinas son Argentinas" ("फाल्कलैंड अर्जेंटीना हैं")। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, यूके के व्यापार सचिव पीटर काइल ने इसे "पूरी तरह से अनुपयुक्त" बताया और FIFA से उचित कार्रवाई की उम्मीद जताई। FIFA के अनुशासनात्मक कोड के अनुसार, खेल आयोजनों में राजनीतिक या विवादास्पद संदेशों का प्रदर्शन निषिद्ध है।
फाल्कलैंड युद्ध
यह घटना एक बार फिर से फाल्कलैंड विवाद को उजागर करती है, जो दशकों से ब्रिटेन और अर्जेंटीना के बीच चल रहा है। अर्जेंटीना इस क्षेत्र को इस्लास मालविनास कहता है और उसका दावा है कि ब्रिटेन ने 1833 में अवैध रूप से नियंत्रण किया। जबकि ब्रिटेन का कहना है कि उसका दावा 1765 से है। यह विवाद 1982 में फाल्कलैंड युद्ध में बदल गया, जिसमें 649 अर्जेंटीनी सैनिक, 255 ब्रिटिश सैनिक और तीन स्थानीय लोग मारे गए।
पारेडेस का बयान
इस मैच के बाद अर्जेंटीना के मिडफील्डर लियान्ड्रो पारेडेस ने कहा, "यह हमारे इतिहास का एक दुखद हिस्सा है। हम जानते थे कि हम उनके लिए भी खेल रहे थे।" यह पहली बार नहीं है जब FIFA ने इस तरह के बैनर पर कार्रवाई की है। 2014 विश्व कप से पहले, अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने इसी संदेश को प्रदर्शित किया था, जिसके लिए उन्हें 30,000 स्विस फ्रैंक का जुर्माना लगाया गया था। FIFA ने पहले भी राजनीतिक प्रदर्शनों पर कार्रवाई की है, जैसे कि 2022 विश्व कप में सर्बिया के फुटबॉल संघ पर जुर्माना।
