इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच पहले टेस्ट में पिच की गुणवत्ता पर सवाल

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच पहले ICC विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 टेस्ट में पिच की गुणवत्ता को 'असंतोषजनक' करार दिया गया है। पहले दो दिनों में भारी बारिश के बावजूद, मैच में 33 विकेट गिरे। ICC की रिपोर्ट में लॉर्ड्स और गद्दाफी स्टेडियम की पिचों पर गंभीर चिंताएँ व्यक्त की गई हैं। जानें इस मामले में क्या कार्रवाई की जा सकती है और पिचों की स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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पहला ICC विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 टेस्ट

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच पहला ICC विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 टेस्ट चार दिनों में समाप्त हुआ, हालांकि तीसरे दिन भारी बारिश हुई। पहले और दूसरे दिन, टीमों ने क्रमशः 16 और 17 विकेट खो दिए। ICC पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के अनुसार, पिच को 'असंतोषजनक' के रूप में वर्गीकृत किया गया है और स्थल को एक डिमेरिट अंक दिया गया है। पाकिस्तान के गद्दाफी स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच तीसरे वनडे के दौरान भी पिच को 'असंतोषजनक' माना गया।

लंदन के लॉर्ड्स में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के पहले टेस्ट और लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के तीसरे वनडे के लिए उपयोग की गई पिचों को ICC पिच और आउटफील्ड मॉनिटरिंग प्रक्रिया के तहत “असंतोषजनक” के रूप में रेट किया गया है और प्रत्येक स्थल को एक डिमेरिट अंक मिला है। मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट (लॉर्ड्स) और ग्रेम ला ब्रूई (गद्दाफी स्टेडियम) ने मैच अधिकारियों और कप्तानों की चिंताओं को व्यक्त करते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।


एंडी पायक्रॉफ्ट और ग्रेम ला ब्रूई की टिप्पणियाँ

एंडी पायक्रॉफ्ट ने लॉर्ड्स की पिच के बारे में कहा, "टेस्ट के दौरान बहुत अधिक सीम मूवमेंट था, और कई मौकों पर गेंद बहुत कम उछली। पहले दिन 16 और दूसरे दिन 17 विकेट गिरने के कारण उछाल में भिन्नता थी। पिच के कारण गेंद और बैट के बीच संतुलन बिगड़ गया था।"

ग्रेम ला ब्रूई ने गद्दाफी स्टेडियम की पिच के बारे में कहा, "पिच धीमी और कम थी, जिससे रन बनाना बहुत कठिन हो गया। यह एक वनडे अंतरराष्ट्रीय खेल के लिए उपयुक्त नहीं थी क्योंकि बल्लेबाजों को सेट होने में अधिक समय लगाना पड़ा। मैच की शुरुआत में ही यह स्पिन को मदद कर रही थी और यह पूरे मैच में ऐसा ही रहा।"

इन दोनों स्थलों के लिए पहले कोई डिमेरिट अंक नहीं हैं। ICC ने रिपोर्टों को पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड और इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड को भेजा है। दोनों बोर्ड 14 दिनों के भीतर इस निर्णय को चुनौती दे सकते हैं। ICC के नियमों के अनुसार, यदि किसी स्थल पर छह डिमेरिट अंक जमा होते हैं, तो उसे 12 महीने के लिए किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की मेज़बानी से प्रतिबंधित किया जाएगा, और यदि यह 12 डिमेरिट अंकों तक पहुँचता है, तो 24 महीने के लिए प्रतिबंधित किया जाएगा।