भारतीय बैडमिंटन का शानदार प्रदर्शन
थाईलैंड ओपन सुपर 500 में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिससे वे क्वार्टरफाइनल में अपनी जगह बनाने में सफल रहे। अनुभवी खिलाड़ी पीवी सिंधु और युवा खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने यह साबित किया कि वे विश्व स्तर पर एक मजबूत ताकत बने हुए हैं।
सिंगल्स में शानदार जीत
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने अपने दूसरे दौर के मुकाबले में बेहतरीन फॉर्म में नजर आईं। छठी वरीयता प्राप्त सिंधु ने डेनमार्क की अमाली शुल्ज को केवल 28 मिनट में 21-13, 21-15 से हराया। उन्होंने अपने लंबे कद और आक्रामक स्मैश का उपयोग करते हुए शुल्ज को लगातार डिफेंसिव रखा। हालांकि, सिंधु के लिए आगे का रास्ता चुनौतीपूर्ण है। क्वार्टरफाइनल में उनका सामना जापान की शीर्ष वरीयता प्राप्त और विश्व नंबर 3, अकाने यामागुची से होगा। पुरुषों के सिंगल्स में, सातवें वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन ने चीन के झू शुआन चेन के खिलाफ एक प्रभावशाली जीत दर्ज की। सेन ने मैच की शुरुआत से ही खेल पर नियंत्रण रखा और 39 मिनट में 21-12, 21-13 से जीत हासिल की। उनकी डिफेंसिव मजबूती और नेट पर तेज ट्रांजिशन ने उनके चीनी प्रतिद्वंद्वी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दीं। सेन अब चीनी ताइपे के ली चिया हाओ और स्थानीय पसंदीदा, दूसरे वरीयता प्राप्त कुंलवुत विटिद्सार्न के बीच होने वाले मुकाबले के विजेता का इंतजार कर रहे हैं।
डबल्स में दबदबा और दुर्भाग्य
विश्व नंबर 4 की जोड़ी, सत्विकसैराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने भी अपनी शीर्ष वरीयता को साबित किया। उन्होंने बिना वरीयता प्राप्त मलेशियाई जोड़ी, ब्रायन जेरमी गूंटिंग और मुहम्मद हैकल के खिलाफ अपनी पावर-हिटिंग शैली का प्रदर्शन किया। जबकि दूसरे सेट में मलेशियाई खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी की, सत्विक और चिराग ने 21-12, 21-19 से जीत हासिल की। वे अब छठी वरीयता प्राप्त जापानी जोड़ी, ताकुमी नोमुरा और युइची शिमोगामी का सामना करेंगे। दुर्भाग्यवश, दिन में कुछ बाधाएं भी आईं। युवा खिलाड़ी देविका सिहाग, जिन्होंने हाल ही में थाईलैंड मास्टर्स में अपना पहला सुपर 300 खिताब जीता था, एक कड़े मुकाबले में हार गईं। उन्होंने पहले सेट में करीबी हार का सामना किया और अंततः थाईलैंड की पिचामोन ओपट्निपुथ के खिलाफ 21-23, 11-21 से हार गईं।
(सूत्र: समाचार मीडिया)