सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि, कच्चे तेल की गिरावट का असर

सोने और चांदी की कीमतों में हालिया वृद्धि का मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और वैश्विक बाजार की अनिश्चितता है। दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत 1,61,450 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच संघर्ष-विराम की खबरों ने भी कीमतों को बढ़ाने में मदद की है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी मैक्रोइकोनॉमिक डेटा पर है, जो फेडरल रिजर्व की नीति को प्रभावित कर सकता है।
 | 
सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि, कच्चे तेल की गिरावट का असर gyanhigyan

सोने और चांदी की कीमतों में तेजी

सोमवार को बंद हुए भावों की तुलना में मंगलवार को सोने और चांदी की कीमतों में वृद्धि देखी गई। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के अनुसार, दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,61,450 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई, जो कि 1050 रुपये की बढ़ोतरी है। सोमवार को यह 1,60,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। इसी तरह, चांदी की कीमत में भी 1300 रुपये की वृद्धि हुई, जिससे यह 2,71,000 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई। सोमवार को चांदी का भाव 2,69,700 रुपये प्रति किलोग्राम था.


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का प्रभाव

बुलियन विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी ने कीमती धातुओं को सहारा दिया है। इससे पश्चिम एशिया में तनाव के कारण महंगाई के झटके का डर कम हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी और कमजोर डॉलर ने भी सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ावा दिया। घरेलू बाजार में रुपये की कमजोरी ने भी सोने की कीमतों को सहारा दिया।


अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमतों में वृद्धि

एलकेपी सिक्योरिटीज के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के अनुसार, कमजोर रुपये ने वैश्विक बाजार की अनिश्चितता से दबाव को कम करने में मदद की है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में, स्पॉट गोल्ड की कीमत 1 प्रतिशत बढ़कर 4,528.75 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी 2 प्रतिशत बढ़कर 76.29 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।


संघर्ष-विराम से मिली राहत

कायनात चैनवाला ने बताया कि तेल की कीमतों में नरमी से महंगाई और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इसके अलावा, हिज्बुल्लाह और इजरायल के बीच आंशिक संघर्ष-विराम की खबरों ने भी सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ावा दिया है।


निवेशकों की नजर कई घटनाक्रमों पर

हालांकि, निवेशकों का ध्यान वाशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही बातचीत पर केंद्रित है। बाजार कूटनीतिक प्रगति और संभावित विफलता के बीच झूल रहा है। चैनवाला ने कहा कि अब निवेशकों की नजर अमेरिकी मैक्रोइकोनॉमिक डेटा पर भी है, जिसमें नौकरियों के खाली पदों के आंकड़े और फेडरल रिजर्व की टिप्पणियां शामिल हैं। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की नीति से जुड़ी उम्मीदों को प्रभावित कर सकते हैं।