वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो की अदालत में पेशी: बैरी पोलैक की कानूनी रणनीति पर नजर
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने न्यूयॉर्क की अदालत में पेशी दी, जहां उनके वकील बैरी पोलैक ने उनकी कानूनी स्थिति पर चर्चा की। पोलैक, जो एक प्रतिष्ठित ट्रायल वकील हैं, ने मादुरो की गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाया और संप्रभुता का तर्क दिया। मादुरो पर गंभीर आरोप हैं, जिनमें ड्रग-आतंकवाद साजिश शामिल है। यह मुकदमा अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कानून के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
| Jan 6, 2026, 23:26 IST
मादुरो की अदालत में पेशी
सोमवार को न्यूयॉर्क की अदालत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की पेशी हुई, जिसमें सबसे पहले ध्यान आकर्षित किया उनके वकील बैरी पोलैक ने। पोलैक, जो अमेरिका के प्रमुख ट्रायल वकीलों में से एक हैं, इससे पहले विकीलीक्स के संस्थापक जूलियन असांजे के मामले में भी काम कर चुके हैं।
बैरी पोलैक न्यूयॉर्क के वॉल स्ट्रीट क्षेत्र में स्थित प्रतिष्ठित लॉ फर्म हैरिस सेंट लॉरेंट एंड वेक्सलर के एक भागीदार हैं। यह फर्म उसी फेडरल कोर्ट से कुछ ही मिनटों की दूरी पर है, जहां मादुरो ने अपने खिलाफ लगाए गए आपराधिक आरोपों से खुद को निर्दोष बताया है। मादुरो पर ड्रग-आतंकवाद साजिश, कोकीन की तस्करी और भारी हथियार रखने जैसे गंभीर आरोप हैं, जिनमें दोषी पाए जाने पर उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिल सकती है।
अमेरिकी सरकार मादुरो को 'नार्को-टेररिस्ट' और 'अवैध राष्ट्रपति' मानती है। अदालत में अपनी पहली पेशी के दौरान, पोलैक ने मादुरो की गिरफ्तारी की वैधता पर सवाल उठाया और तर्क दिया कि एक संप्रभु राष्ट्र के नेता के रूप में मादुरो को कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए।
कानूनी क्षेत्र में पोलैक की छवि मजबूत मानी जाती है। चैंबर्स यूएसए जैसी रेटिंग एजेंसियों ने उन्हें गहराई से सोचने वाला और जूरी के सामने प्रभावी ढंग से अपनी बात रखने वाला वकील बताया है। उन्होंने जूलियन असांजे के मामले में अमेरिका, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया की सरकारों के साथ बातचीत कर एक जटिल समझौता किया था, जिसके परिणामस्वरूप असांजे को 2024 में रिहाई मिली।
पोलैक का मानना है कि हर मुकदमे में आरोपी अपने जीवन के सबसे बड़े संकट का सामना कर रहा होता है, और उस समय उसका समर्थन करना एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जूरी के सामने जटिल तथ्यों को सरल भाषा में प्रस्तुत करना उनकी सबसे बड़ी ताकत है, ताकि सरकारी पक्ष के दृष्टिकोण के अलावा अन्य दृष्टिकोण भी सामने आ सकें।
पोलैक ने अपने करियर में कई हाई-प्रोफाइल मामलों में सफलता प्राप्त की है। वे एनरॉन से जुड़े एक मामले में आरोपी को बरी करवा चुके हैं और गलत सजा के मामलों में भी कई लोगों को न्याय दिलाने में मदद कर चुके हैं। वर्तमान में, वे जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी लॉ सेंटर में अध्यापन भी कर रहे हैं और अमेरिका के प्रमुख आपराधिक वकीलों के संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या बैरी पोलैक की कानूनी रणनीति निकोलस मादुरो को इस अभूतपूर्व संकट से बाहर निकालने में सफल होती है या नहीं। यह मुकदमा भविष्य में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और कानून के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
