राजस्थान सरकार का लक्ष्य: विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भरता

राजस्थान सरकार ने विद्युत उत्पादन में आत्मनिर्भरता के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने और सौर ऊर्जा से 3 लाख घरों को जोड़ने की योजनाओं पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री ने 2027 तक सभी जिलों में कृषि क्षेत्र को दिन में बिजली आपूर्ति की प्रतिबद्धता जताई है। जानें इस दिशा में उठाए गए कदमों और योजनाओं के बारे में।
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ऊर्जा मंत्री का बयान


जयपुर। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करना है। इसके लिए, विद्युत निगम को ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ-साथ बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पीक आवर्स के दौरान बिजली की मांग को अपने संसाधनों से पूरा किया जा सकेगा। इसके अलावा, उन्होंने पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत 3 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।


श्री नागर ने मंगलवार शाम को विद्युत भवन में ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान, उन्होंने राज्य में विद्युत आपूर्ति की स्थिति, आरडीएसएस, पीएम सूर्यघर जैसी योजनाओं, बजट में घोषित ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण कार्यों और विद्युत तंत्र को मजबूत करने के लिए चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।


ऊर्जा मंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्ष 2027 तक सभी जिलों में कृषि क्षेत्र को दिन में विद्युत आपूर्ति की प्रतिबद्धता जताई है। इस संदर्भ में, विद्युत सुदृढ़ीकरण के कार्यों को तेज करने की आवश्यकता है ताकि किसानों को दिन में दो ब्लॉक में बिजली मिल सके।


बैठक में ऊर्जा सचिव आरती डोगरा ने बताया कि तीनों डिस्कॉम्स ने पायलट आधार पर 172 मेगावाट/688 मेगावाट ऑवर बैटरी भंडारण क्षमता विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। उत्पादन निगम और अक्षय ऊर्जा निगम द्वारा 12,400 मेगावाट ऑवर क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अब तक प्रदेश के 26 जिलों में किसानों को दिन के दो ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति से जोड़ा जा चुका है। शेष जिलों में भी ट्रांसमिशन क्षमता को मजबूत करने, लाइनों के विस्तार और नए सब स्टेशन निर्माण के कार्य किए जा रहे हैं।


ऊर्जा विकास निगम के प्रबंध निदेशक शिवप्रसाद नकाते ने बताया कि 18 जुलाई को राज्य ने अब तक की सर्वाधिक विद्युत खपत 4040 लाख यूनिट को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष जुलाई में विद्युत की दैनिक औसत खपत 3369 लाख यूनिट रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22 प्रतिशत अधिक है। इसी अवधि में सर्वाधिक डिमांड 18164 मेगावाट रही, जो पिछले वर्ष के मुकाबले 24 प्रतिशत अधिक है। इस प्रकार, प्रदेश में उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।


बैठक में श्री नागर ने स्मार्ट मीटर स्थापना, बजट में घोषित ग्रिड सब स्टेशनों के निर्माण आदि कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की। जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डॉ. भंवरलाल वीसी के माध्यम से जुड़े। उत्पादन निगम के सीएमडी देवेन्द्र श्रृंगी, ऊर्जा विभाग के सलाहकार नवीन अरोड़ा सहित वितरण निगमों, अक्षय ऊर्जा निगम, प्रसारण निगम के तकनीकी निदेशकों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे.