राजस्थान में साइबर सुरक्षा पर कार्यशाला का आयोजन
साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम
जयपुर में शुक्रवार को 'Strengthening Cybersecurity Frameworks for State Data' विषय पर एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रेवेन्यू रिसर्च एंड एनालिसिस (COERRA) द्वारा आयोजित की गई, जिसमें राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग के सहयोग से भाग लिया।
इस कार्यशाला में रिस्क-बेस्ड असेसमेंट, आईटी परिसंपत्तियों की सुरक्षा, स्टेट डेटा सेंटर की सुरक्षा, सिक्योरिटी ऑपरेशन सेंटर (SOC), और स्टेट कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीम (CSIRT) जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा, डेटा वर्गीकरण और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन पर भी जोर दिया गया।
वक्ताओं ने साइबर खतरों का सामना करने के लिए समन्वय बढ़ाने और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने DPDP अधिनियम, 2023 और DPDP नियम, 2025 के प्रभावी कार्यान्वयन की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
कार्यशाला में तकनीकी निदेशक अखिलेश मित्तल ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि NeGD के निदेशक दिनेश डिडेल और अन्य विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।
उप महानिरीक्षक (साइबर क्राइम) शांतनु कुमार सिंह चंद्रावत ने साइबर अपराधों में वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशिक्षित 'साइबर वॉरियर्स' की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यशाला के अंत में, प्रतिभागियों से प्राप्त सुझावों को संकलित कर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को भेजा जाएगा।
