2026 में साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस की नई रणनीतियाँ
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने का लक्ष्य
नए साल 2026 की शुरुआत के साथ, देशभर की पुलिस ने साइबर अपराधों को रोकने को प्राथमिकता दी है। डिजिटल धोखाधड़ी, ऑनलाइन ठगी और निवेश से संबंधित धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों को देखते हुए, दिल्ली पुलिस, यूपी पुलिस और अन्य राज्यों की साइबर यूनिट्स ने विशेष अभियान शुरू कर दिए हैं। भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के अनुसार, 2025 में साइबर फ्रॉड के लाखों मामले सामने आए, जिसमें अरबों रुपये की ठगी हुई। अब 2026 में जागरूकता बढ़ाने और सख्त कार्रवाई पर जोर दिया जा रहा है.
प्रमुख अपडेट:
दिल्ली पुलिस का प्लान: स्पेशल कमिश्नर देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि 2026 में 'ऑपरेशन साइबर हॉक' को नियमित रूप से चलाया जाएगा। 2025 में इस ऑपरेशन के तहत हजारों गिरफ्तारियां हुईं और सैकड़ों करोड़ रुपये की रिकवरी की गई। इसके साथ ही स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) की स्थापना की जाएगी.
राष्ट्रीय स्तर पर प्रयास: I4C के तहत 'साइबर कमांडो' कार्यक्रम, जागरूकता अभियान और हेल्पलाइन 1930 को मजबूत किया जा रहा है। नए साल में व्हाट्सएप/एसएमएस के जरिए आने वाले फेक न्यू ईयर विशेस लिंक से सावधान रहें, क्योंकि ये APK फाइल्स डेटा चोरी कर सकती हैं.
अन्य राज्य: मुंबई, हैदराबाद और यूपी पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान शुरू किया है। हर जिले में साइबर जागरूकता दिवस मनाया जा रहा है.
साइबर सुरक्षा टिप्स नए साल के लिए:
- अज्ञात लिंक या APK फाइल्स डाउनलोड न करें।
- OTP या बैंक विवरण कभी साझा न करें।
- मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन सक्षम रखें।
- संदिग्ध कॉल/मैसेज पर तुरंत 1930 डायल करें या cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें।
- सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी सीमित रखें।
