स्क्रीन टाइम और हाई ब्लड प्रेशर: जानें क्या कहती है नई स्टडी
स्क्रीन टाइम का बढ़ता प्रभाव
आजकल मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का उपयोग लोगों की दिनचर्या का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। काम, पढ़ाई और मनोरंजन के चलते कई लोग घंटों तक स्क्रीन के सामने बिताते हैं। हालांकि, लंबे समय तक स्क्रीन देखने की आदत स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। हाल ही में एक अध्ययन में यह बताया गया है कि 6 घंटे से अधिक स्क्रीन टाइम हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ा सकता है.
स्टडी में स्क्रीन टाइम और हाई बीपी का संबंध
इस अध्ययन में स्क्रीन टाइम और हाई ब्लड प्रेशर के बीच के संबंध को समझने का प्रयास किया गया। शोध में यह पाया गया कि लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहने वाले व्यक्तियों में हाई बीपी का खतरा अधिक होता है, विशेष रूप से उन लोगों में जो 6 घंटे से ज्यादा स्क्रीन का उपयोग करते हैं।
अध्ययन के अनुसार, लगातार बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि की कमी से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। शोधकर्ताओं ने यह भी बताया कि टीवी देखने का समय हाई बीपी से अधिक जुड़ा हुआ पाया गया। हालांकि, यह एक अवलोकनात्मक अध्ययन था, इसलिए यह पूरी तरह से साबित नहीं करता कि स्क्रीन टाइम सीधे हाई बीपी का कारण बनता है। फिर भी, विशेषज्ञ स्क्रीन टाइम को सीमित रखने की सलाह देते हैं.
ज्यादा स्क्रीन टाइम के दुष्प्रभाव
लंबे समय तक स्क्रीन देखने से आंखों में थकान, सिरदर्द और नींद से संबंधित समस्याएं बढ़ सकती हैं। लगातार बैठे रहने से वजन बढ़ने और शारीरिक गतिविधि में कमी का खतरा भी होता है।
इसके अलावा, देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग करने से तनाव और नींद की गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। कुछ व्यक्तियों में इससे थकान और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई भी हो सकती है.
हाई बीपी के जोखिम को कम करने के उपाय
स्क्रीन टाइम को सीमित करने का प्रयास करें और बीच-बीच में ब्रेक लें। नियमित व्यायाम और चलने को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। पर्याप्त नींद लें, संतुलित आहार का सेवन करें और लंबे समय तक लगातार बैठने से बचें.
समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना भी फायदेमंद हो सकता है.
