सकट चौथ 2026: चंद्र दर्शन का समय और पूजा विधि
सकट चौथ पर चंद्र पूजा का महत्व
सकट चौथ पर चंद्र पूजा का महत्वImage Credit source: AI-ChatGpt
Sakat Chauth Vrat Moon Time 2026: सनातन परंपरा के अनुसार, सकट चौथ भगवान गणेश और चंद्रमा की पूजा का विशेष पर्व है। यह व्रत माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है, और 2026 में यह 6 जनवरी को होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, चंद्र दर्शन के बिना यह व्रत अधूरा माना जाता है। चंद्रमा को मन और शांति का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन उनकी पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों में कहा गया है कि सही विधि से चंद्र दर्शन करने से जीवन के संकट और मानसिक तनाव दूर होते हैं। आइए, जानें कि 2026 में आपके शहर में चांद कब निकलेगा और इस दिन की पूजा का हमारे जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है।
चंद्र दर्शन का सही समय और विधि
सकट चौथ पर चंद्र दर्शन आमतौर पर संध्या के बाद रात में किया जाता है, जब चंद्रमा आकाश में स्पष्ट दिखाई देता है। व्रती एक साफ स्थान पर खड़े होकर चंद्रमा को जल, दूध या अक्षत मिश्रित जल से अर्घ्य अर्पित करते हैं। अर्घ्य देते समय मन को शांत और श्रद्धा से भरा होना चाहिए। मान्यता है कि चंद्रमा को अर्घ्य देने से मानसिक तनाव और नकारात्मक विचार दूर होते हैं। इसके बाद गणेशजी से परिवार की सुख-शांति और संकट निवारण की प्रार्थना की जाती है। इसी प्रक्रिया के बाद व्रत का पारण किया जाता है।
सकट चौथ 2026: इन शहरों में इस समय होंगे चंद्र दर्शन
सकट चौथ के व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। जानिए 2026 में विभिन्न शहरों में चांद किस समय दिखाई देगा:
- दिल्ली और नोएडा में चांद रात 8 बजकर 54 मिनट पर निकलेगा।
- गुरुग्राम में चंद्रमा के दर्शन रात 8 बजकर 55 मिनट पर होंगे।
- कोलकाता में चांद रात 8 बजकर 15 मिनट पर दिखाई देगा।
- पटना में चंद्र दर्शन का समय रात 8 बजकर 25 मिनट है।
- मुंबई में चांद रात 8 बजकर 23 मिनट पर निकलेगा।
- चेन्नई में चंद्रमा के दर्शन रात 8 बजकर 59 मिनट पर होंगे।
- देहरादून में चांद रात 8 बजकर 49 मिनट पर नजर आएगा।
- चंडीगढ़ में चंद्र दर्शन रात 8 बजकर 54 मिनट पर होगा।
- जयपुर में चांद रात 9 बजकर 3 मिनट पर निकलेगा।
- जम्मू में चंद्रमा रात 8 बजकर 59 मिनट पर दिखाई देगा।
- गांधीनगर और अहमदाबाद में चांद रात 9 बजकर 20 मिनट पर निकलेगा।
- शिमला में चंद्र दर्शन का समय रात 8 बजकर 52 मिनट है।
- भोपाल में चांद रात 9 बजकर 02 मिनट पर दिखाई देगा।
- लखनऊ में चंद्रमा रात 8 बजकर 41 मिनट पर निकलेगा।
- कानपुर में चांद रात 8 बजकर 44 मिनट पर नजर आएगा।
- गोरखपुर में चंद्र दर्शन रात 9 बजकर 01 मिनट पर होंगे।
- प्रयागराज में चांद रात 8 बजकर 39 मिनट पर दिखाई देगा।
सकट चौथ पर चंद्रमा की पूजा का धार्मिक कारण
सकट चौथ को चंद्रमा से जोड़ने का मुख्य कारण यह है कि यह व्रत चंद्र दर्शन के बाद ही पूर्ण माना जाता है। पुराणों के अनुसार, माघ मास की कृष्ण चतुर्थी को चंद्रमा की उपासना करने से मन की अशांति और भय शांत होती है। चंद्रमा को शीतलता और करुणा का प्रतीक माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि गणेशजी की कृपा के साथ चंद्रमा का आशीर्वाद मिलने से जीवन में संतुलन बना रहता है। यही कारण है कि सकट चौथ पर व्रती दिनभर संयम रखते हैं और रात्रि में चंद्र दर्शन कर व्रत का पारण करते हैं।
चंद्र दर्शन के समय कौन सा मंत्र बोलें?
शास्त्रों में बताया गया है कि सकट चौथ पर चंद्र दर्शन करते समय मंत्र जाप करने से व्रत का आध्यात्मिक प्रभाव बढ़ जाता है। अर्घ्य अर्पित करते समय ॐ सोमाय नमः या ॐ चंद्राय नमः मंत्र का जप विशेष फलदायी माना गया है। इन सरल मंत्रों के उच्चारण से चंद्रमा की शीतल ऊर्जा का आशीर्वाद प्राप्त होता है और मानसिक अस्थिरता, भय तथा नकारात्मकता शांत होती है। धार्मिक मान्यता है कि इन मंत्रों से चंद्र दोष का प्रभाव कम होता है और मन को स्थिरता मिलती है।
व्रत, चंद्र पूजा और जीवन पर प्रभाव
सकट चौथ पर चंद्रमा की पूजा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन का साधन भी मानी जाती है। चंद्रमा मन का कारक ग्रह है, इसलिए इस दिन की गई साधना व्यक्ति को धैर्य, शांति और आत्मविश्वास प्रदान करती है। शास्त्रों के अनुसार, सही विधि से चंद्र दर्शन और पारण करने से संतान सुख, पारिवारिक सामंजस्य और जीवन में स्थिरता आती है। श्रद्धा, संयम और नियमपूर्वक किया गया सकट चौथ व्रत व्यक्ति को संकटों से उबरने की शक्ति देता है और जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने में सहायक माना गया है।
