शनिदेव को प्रसन्न करने के प्रभावी उपाय
शनिदेव का महत्व और उपाय
ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय का प्रतीक माना जाता है। जिन व्यक्तियों की कुंडली में शनि की स्थिति अशुभ होती है, उन्हें जीवन में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में, सफलता प्राप्त करने के लिए उन्हें कड़ी मेहनत करनी पड़ती है और आर्थिक मामलों में भी बाधाएं आती हैं, जिससे गरीबी का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए कौन से उपाय किए जा सकते हैं।
सप्ताह के सभी दिनों के लिए अलग-अलग ग्रहों का महत्व है। शनिवार का स्वामी ग्रह शनि है। इस दिन विशेष उपाय करने से कुंडली के दोषों को दूर किया जा सकता है।
प्रभावी उपाय
पहला उपाय: शनिवार को उन्नीस हाथ लंबा काला धागा लेकर उसकी माला बनाएं। इस माला को शनिदेव को अर्पित करें और कुछ समय बाद इसे अपने गले में पहनें या दाहिने हाथ में बांधें। इससे शनि का प्रभाव कम हो सकता है।
दूसरा उपाय: हर शनिवार व्रत रखें और सूर्यास्त के समय हनुमानजी की पूजा करें। पूजा में सिंदूर, काली तिल्ली का तेल, दीपक और नीले फूल अर्पित करें। हनुमानजी के भक्तों पर शनि के अशुभ प्रभाव नहीं पड़ते।
तीसरा उपाय: शनिवार को बंदरों और काले कुत्तों को लड्डू खिलाएं। इस उपाय से हनुमानजी और शनिदेव दोनों प्रसन्न होते हैं।
चौथा उपाय: शनिवार को किसी काली गाय की पूजा करें। गाय को कुमकुम, चावल अर्पित करें, बूंदी के लड्डू खिलाएं और गाय की परिक्रमा करें। इस उपाय से शनि के दोष दूर हो सकते हैं।
पांचवां उपाय: शनिवार को एक कटोरी में तेल लें और उसमें अपना चेहरा देखें। इसके बाद उस तेल का दान किसी गरीब व्यक्ति को करें।
