शनि जयंती 2026: मंत्रों से जागेगी सोई किस्मत
शनि जयंती का महत्व
शनि जयंती इस वर्ष 16 मई 2026 को मनाई जाएगी, जो कि शन्नचरी अमावस्या के साथ भी совпадает है। इस विशेष दिन पर यदि आप रात के समय कुछ विशेष मंत्रों का जप करते हैं, तो शनि देव आपकी सभी समस्याओं को दूर कर सकते हैं और आपकी सोई किस्मत को जागृत कर सकते हैं। रात में मंत्रों का जप करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस समय शनि देव की शक्ति अधिक होती है। आइए जानते हैं कि शनि जयंती की रात किन मंत्रों का जप करना चाहिए।
शनि देव को प्रसन्न करने के लिए मंत्र
1. ॐ शन्नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये। शं योरभिस्रवन्तु नः। यह मंत्र शनि देव का वैदिक मंत्र है। इसके जप से करियर में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और आपकी किस्मत जागृत होती है।
2. ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः। यह मंत्र आर्थिक समस्याओं को दूर करने में सहायक है। इसके जप से उधारी से मुक्ति और अटका धन वापस मिलने की संभावना बढ़ती है।
3. ॐ भगभवाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्॥ यह शनि गायत्री मंत्र मानसिक शांति प्रदान करता है और निर्णय लेने की क्षमता को भी बढ़ाता है।
4. सूर्यपुत्रो दीर्घदेहो विशालाक्षः शिवप्रियः। मन्दचारः प्रसन्नात्मा पीड़ां हरतु मे शनिः। इस मंत्र का जप करने से मानसिक कष्ट दूर होते हैं और शनि की साढ़ेसाती से राहत मिलती है।
5. ॐ शं शनैश्चराय नमः। यह एक सरल लेकिन शक्तिशाली मंत्र है। यदि आप इसे शनि जयंती की रात 108 बार जपते हैं, तो आपके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं।
