विभुवन संकष्टी चतुर्थी: विशेष उपाय और महत्व
विभुवन संकष्टी चतुर्थी, जो 3 जून को मनाई जाएगी, भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन विशेष पूजा विधियों और उपायों के माध्यम से श्रद्धालु धन, बुद्धि और समृद्धि की प्राप्ति कर सकते हैं। जानें इस दिन कौन-से उपाय करने चाहिए और क्यों यह दिन विशेष है।
| Jun 2, 2026, 23:33 IST
विभुवन संकष्टी चतुर्थी के आध्यात्मिक लाभ
इस वर्ष, 3 जून को ज्येष्ठ मास की विभुवन संकष्टी चतुर्थी का व्रत मनाया जाएगा। यह दिन भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह विशेष अवसर अधिकमास या पुरुषोत्तम मास में आता है और हर तीन साल में केवल एक बार होता है। इस दिन श्रद्धालु गणेश जी को विशेष रूप से दुर्वा अर्पित करते हैं, जिससे उन्हें भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है.
विभुवन संकष्टी चतुर्थी का महत्व
इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से कुशाग्र बुद्धि, धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। श्रद्धालु इस दिन उपवास रखकर बप्पा की आराधना करते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। बुधवार का दिन हिंदू धर्म में गणेश जी को समर्पित है, इसलिए इस बार की संकष्टी चतुर्थी और भी विशेष मानी जा रही है.
इस दिन कौन-से उपाय करें?
- दूर्वा और मोदक का भोग: 21 हरी दूर्वा की गांठें और मोदक या लड्डू का भोग अर्पित करें। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। पूजा के दौरान 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
- अथर्वशीर्ष का पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष का पाठ सुबह या शाम करें। इससे धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
- दान-पुण्य: 2-10 वर्ष के बच्चों को लेखन सामग्री भेंट करें और जरूरतमंदों को हरे वस्त्र या हरी मूंग का दान करें।
- चंद्र देव को अर्घ्य: शाम को चंद्रोदय के समय जल में दूध और अक्षत मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें और गणेश जी की आरती करें।
- धन वृद्धि यंत्र स्थापित करें: घर या दुकान पर गणेश यंत्र या धन वृद्धि यंत्र स्थापित करें और नियमित पूजा करें। यह उपाय व्यापार में आर्थिक तरक्की में सहायक है।
