राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना: बेटियों के लिए ₹1.5 लाख की सहायता

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करना है। इस योजना के तहत कन्या के जन्म पर ₹1.5 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना का मुख्य फोकस बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना और कन्या भ्रूण हत्या को रोकना है। यदि आप राजस्थान के निवासी हैं और आपके घर बेटी का जन्म हुआ है, तो यह योजना आपके लिए लाभकारी हो सकती है। आवेदन प्रक्रिया सरल है और सहायता राशि विभिन्न चरणों में दी जाएगी। जानें इस योजना के लाभ और पात्रता के बारे में।
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राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना का परिचय

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना: यह योजना राजस्थान सरकार द्वारा बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए शुरू की गई है। इसके अंतर्गत कन्या के जन्म पर सरकार द्वारा ₹1.5 लाख की आर्थिक सहायता सेविंग बॉंड के माध्यम से प्रदान की जाएगी।


राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना: बेटियों के लिए ₹1.5 लाख की सहायता
राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना: बेटियों को मिलेंगे ₹1.5 लाख, आसान आवेदन प्रक्रिया


यह योजना 1 अगस्त 2024 से पूरे राज्य में लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य बालिका शिक्षा को बढ़ावा देना, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं पर रोक लगाना है। यदि आप राजस्थान के निवासी हैं और आपके घर बेटी का जन्म हुआ है, तो यह योजना आपके लिए अत्यंत लाभकारी हो सकती है। समय पर आवेदन करके आप सरकार से ₹1.5 लाख तक की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है।


योजना के उद्देश्य

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य


राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना के पीछे सरकार के कई महत्वपूर्ण उद्देश्य हैं:



  • कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना

  • बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना

  • अस्पताल में सुरक्षित प्रसव को प्रोत्साहित करना

  • बाल विवाह रोकना

  • मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना

  • बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना


योजना के लाभ

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना के लाभ


राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना के तहत कन्या को ₹1.5 लाख तक की सहायता दी जाएगी। यह राशि विभिन्न चरणों में प्रदान की जाएगी।


योजना के मुख्य लाभ



  • बेटी के जन्म पर आर्थिक सहायता

  • स्कूल और कॉलेज शिक्षा में मदद

  • 21 वर्ष की उम्र तक आर्थिक सुरक्षा

  • उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन

  • सेविंग बॉंड सुविधा


राशि का वितरण

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना में 7 चरणों में राशि


चरण राशि
कन्या के जन्म पर ₹2,500
1 वर्ष पूर्ण होने पर ₹2,500
कक्षा 1 में प्रवेश पर ₹4,000
कक्षा 6 में प्रवेश पर ₹5,000
कक्षा 10 में प्रवेश पर ₹11,000
कक्षा 12 में प्रवेश पर ₹25,000
21 वर्ष एवं स्नातक पूर्ण होने पर ₹1,00,000


कुल राशि: ₹1.5 लाख


पात्रता और आवश्यक दस्तावेज

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना की पात्रता


राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना का लाभ लेने के लिए निम्नलिखित पात्रता आवश्यक है:



  • महिला राजस्थान की स्थायी निवासी हो

  • कन्या का जन्म सरकारी अस्पताल में हुआ हो

  • या जननी सुरक्षा योजना से मान्यता प्राप्त अस्पताल में जन्म हुआ हो

  • परिवार के पास आवश्यक दस्तावेज हों


आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज


आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज जरूरी होंगे:



  • आधार कार्ड

  • जन आधार कार्ड

  • निवास प्रमाण पत्र

  • विवाह प्रमाण पत्र

  • बैंक पासबुक

  • मोबाइल नंबर

  • ममता कार्ड / स्वास्थ्य कार्ड


आवेदन प्रक्रिया

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना आवेदन प्रक्रिया


इस योजना में आवेदन करना बहुत सरल है।


आवेदन कैसे करें?



  1. नजदीकी सरकारी अस्पताल जाएं

  2. ANM या चिकित्सा अधिकारी से आवेदन पत्र लें

  3. आवेदन फॉर्म भरें

  4. जरूरी दस्तावेज संलग्न करें

  5. आवेदन जमा करें

  6. आपको यूनिक PCTS ID दी जाएगी


इसके बाद सभी किश्तें इसी आईडी के माध्यम से जारी की जाएंगी।


भुगतान प्रक्रिया

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना भुगतान प्रक्रिया


योजना की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। हर चरण की राशि अलग-अलग समय पर जारी होगी।



  • पहली किश्त जन्म के समय

  • दूसरी किश्त टीकाकरण पूर्ण होने पर

  • तीसरी से छठी किश्त स्कूल एडमिशन पर

  • अंतिम किश्त स्नातक और 21 वर्ष पूर्ण होने पर


महत्वपूर्ण हेल्पलाइन

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन


महिला एवं बाल विकास विभाग राजस्थान



  • हेल्पलाइन नंबर: 181

  • फोन: 0141-1716402

  • ईमेल:


Official Website:


योजना का महत्व

राजस्थान लाडो प्रोत्साहन योजना क्यों है खास?


यह योजना बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।


बेटियों को शिक्षा और आर्थिक सहायता मिलने से समाज में उनकी स्थिति मजबूत होगी और बाल विवाह जैसी समस्याओं में कमी आने की संभावना है।


राज्य सरकार की पूरी गाइडलाइन की पीडीएफ फाइल देखिए।