बुरे दिनों से छुटकारा पाने के सरल उपाय
बुरे दिनों को अच्छे में बदलने के उपाय
किस्मत एक ऐसी शक्ति है जो कभी आपको ऊंचाइयों पर ले जाती है और कभी गिरा देती है। यदि आप इस समय कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं, तो चिंता न करें। हम आपको कुछ प्रभावी उपाय बताएंगे जो आपके बुरे दिनों को अच्छे में बदल सकते हैं।
हनुमान जी की कृपा से संकट दूर करें
1. संकटों से मुक्ति के लिए हनुमान जी की आराधना करें। प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और बजरंगबली को 5 बार चोला चढ़ाएं। 11 मंगलवार या शनिवार तक बढ़ के पत्ते पर आटे का दीया जलाकर हनुमान मंदिर में रखें। कपूर से आरती करें और उनके नाम का व्रत रखें। इससे आपके सभी दुख समाप्त होंगे।
पशुओं को भोजन देने का महत्व
2. गाय, कुत्ते, चींटी और पक्षियों को खाना देने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। विशेषकर मछलियों और कछुओं को आटे की गोलियां देना बहुत लाभकारी होता है। इससे दुख दूर होते हैं। चीटियों को भुने हुए आटे में बूरा मिलाकर पंजीरी दें, इससे कर्ज से मुक्ति मिलती है।
नारियल से संकट का समाधान
3. मंगलवार या शनिवार को किसी मंदिर जाकर 21 बार पानी वाला नारियल अपने ऊपर से वारें और फिर इसे अग्नि में जला दें। ऐसा 5 बार करें। इससे आपके या परिवार के किसी सदस्य के ऊपर चल रहा संकट समाप्त हो जाएगा।
तांबे के लोटे का उपाय
4. एक तांबे का लोटा लें, इसमें लाल चंदन और पानी मिलाकर रातभर सिरहाने रखें। सुबह स्नान के बाद इस जल को तुलसी को चढ़ाएं। इससे आपकी सभी समस्याएं समाप्त होंगी।
शनि के प्रभाव को कम करने के उपाय
5. शनि की बुरी दशा को समाप्त करने के लिए 5 शनिवार तक एक कांसे की कटोरी में सरसों का तेल और सिक्का लेकर अपनी परछाई देखें। यह तेल किसी भिखारी को दान करें या शनि मंदिर में रख दें। इससे आपके दुख समाप्त होंगे।
मंत्र जाप का महत्व
6. 43 दिनों तक सुबह और शाम मंदिर जाकर राम के नाम, गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें। इस दौरान झूठ बोलने, तामसिक भोजन करने और नशा करने से बचें। इससे आपके सभी संकट दूर होंगे।
धूप देने का महत्व
7. हर ग्यारस, तेरस, चौदस, अमावस्या और पूर्णिमा के दिन गुड़-घी व चावल से धूप दें। यह कार्य जलते कंडे पर करें। इससे देव और पूर्वज प्रसन्न होते हैं।
श्मशान में सिक्के डालने का उपाय
8. जब आप किसी के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान जाएं, तो वहां कुछ सिक्के डालें और बिना पीछे देखे लौट आएं। इससे आपको देवीय सहायता प्राप्त होगी और समस्याएं समाप्त होंगी।
मछली पालन का लाभ
9. वास्तु के अनुसार मछली पालना शुभ होता है। घर में एक मछलीघर उत्तर या उत्तरपूर्व की ओर रखें, जिसमें 8 सुनहरी और 1 काली मछली रखें। यदि कोई मछली मर जाए, तो उसे निकालकर नई मछली डालें। इससे बुरी बलाएं दूर होंगी।
