शकुन शास्त्र वैदिक ज्योतिष का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें जीवन में घटने वाली घटनाओं और पशु-पक्षियों से जुड़े विशेष संकेतों का वर्णन किया गया है। इस शास्त्र के अनुसार, कुछ पशु-पक्षियों का बार-बार दिखना अपशकुन का संकेत माना जाता है, जो भविष्य में किसी अप्रिय घटना की ओर इशारा करता है। हालांकि, लोग अक्सर इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा करना नुकसानदायक हो सकता है। आइए जानते हैं कि किन पशु-पक्षियों से जुड़े संकेत अपशकुन का संकेत देते हैं।
कौआ: बार-बार दिखने पर मुसीबत का संकेत
शकुन शास्त्र के अनुसार, सपने में बार-बार कौए का दिखना अशुभ माना जाता है। यह संकेत करता है कि किसी बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। यदि कोई व्यक्ति सपने में मृत शरीर के पास कई कौए देखता है, तो यह दर्शाता है कि उसकी मुसीबतें बढ़ने वाली हैं। इसलिए इस अपशकुन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
छिपकली: यात्रा में रुकावट का संकेत
ज्योतिष में छिपकली को धन की देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इसके बार-बार दिखने के संकेत हमेशा शुभ नहीं होते। यात्रा पर निकलते समय यदि छिपकली बार-बार नजर आती है, तो यह संकेत करता है कि कार्य में रुकावट आ सकती है। इसके अलावा, यह संकेत भी देता है कि कोई महत्वपूर्ण कार्य अचानक बिगड़ सकता है।
चील: मृत परिजनों का संकेत
शकुन शास्त्र के अनुसार, चील का बार-बार दिखना शुभ नहीं होता। इसे मृत परिजनों से जोड़ा जाता है। यदि किसी व्यक्ति को बार-बार चील नजर आती है, तो यह संकेत है कि पितरों की आत्मा तृप्त नहीं हुई है और वे शांति की तलाश में हैं।
सांप: मुसीबतों का संकेत
सुनसान स्थान पर बार-बार सांप का दिखना भी अपशकुन माना जाता है। यह संकेत करता है कि जल्द ही मुसीबतों का सामना करना पड़ सकता है। सपने में सांपों का झुंड देखना भी अशुभ है, जो दर्शाता है कि कई परेशानियां एक साथ आ सकती हैं।
