कटहल: फल या सब्जी? जानें इसके पीछे का विज्ञान और इतिहास

कटहल, जिसे जैकफ्रूट के नाम से भी जाना जाता है, को लेकर अक्सर यह सवाल उठता है कि यह फल है या सब्जी। विज्ञान के अनुसार, इसका वर्गीकरण इस बात पर निर्भर करता है कि यह पका है या कच्चा। कच्चा कटहल सब्जी के रूप में उपयोग होता है, जबकि पका हुआ कटहल फल माना जाता है। जानें इसके पीछे का विज्ञान, बांग्लादेश में इसकी विशेष स्थिति और इसके 6 हजार साल पुराने इतिहास के बारे में।
 | 
कटहल: फल या सब्जी? जानें इसके पीछे का विज्ञान और इतिहास gyanhigyan

कटहल: फल या सब्जी?

कटहल को लेकर अक्सर यह बहस होती है कि यह फल है या सब्जी। सोशल मीडिया पर इस विषय पर कई तर्क दिए जाते हैं। विज्ञान की दृष्टि से, कटहल का वर्गीकरण इस बात पर निर्भर करता है कि यह पका है या कच्चा। इसे अंग्रेजी में जैकफ्रूट (Jackfruit) कहा जाता है, और इसी नाम में 'फ्रूट' शब्द होने के कारण भ्रम उत्पन्न होता है। कच्चा कटहल सब्जी के रूप में उपयोग किया जाता है, जबकि पका हुआ कटहल फल माना जाता है।


कटहल: फल या सब्जी? जानें इसके पीछे का विज्ञान और इतिहास
कटहल फल है या सब्जी, क्यों होती है बहस? इसका इतिहास 6 हजार साल पुराना


जब कटहल पकता है, तो इसका रंग पीला हो जाता है और इसका स्वाद मीठा और जूसी हो जाता है। यह अनानास और केले के स्वाद के समान हो जाता है। इस प्रकार, पका हुआ कटहल फल की श्रेणी में आता है।


वनस्पति विज्ञान की दृष्टि

कटहल फल है या सब्जी?


वनस्पति विज्ञान के अनुसार, कटहल एक फल है क्योंकि इसमें बीज होते हैं और इसके पेड़ पर फूल खिलते हैं। जैसे-जैसे पौधा बढ़ता है, कटहल का आकार भी बढ़ता है, इसलिए इसे फल माना जाता है।


कच्चा कटहल और उसका उपयोग

कच्चा कटहल सब्जी के रूप में प्रयोग किया जाता है, जब तक यह अंदर से पकता नहीं है। कच्चा कटहल ठोस और क्रीमी रंग का होता है, जिसका स्वाद न तो खट्टा होता है, न नमकीन और न ही मीठा।


कटहल. फोटो: Pexels


कटहल का महत्व

कटहल की लंबाई 90 सेमी तक और वजन 36 किलो तक हो सकता है। यह बांग्लादेश का राष्ट्रीय फल है, जहां इसे विशेष सम्मान दिया जाता है।


कटहल बांग्लादेश का नेशनल फ्रूट है. फोटो: Pexels


कटहल का प्राचीन इतिहास

6 हजार साल पुराना इतिहास


कटहल का इतिहास 3 से 6 हजार साल पुराना माना जाता है, जिससे यह दुनिया के सबसे पुराने फलों में से एक है। इसके सभी हिस्सों का उपयोग किया जा सकता है, और इसके बीजों को भी उबालकर खाया जाता है।