अपरा एकादशी 2026: पारण का सही समय और नियम
इस लेख में अपरा एकादशी 2026 के व्रत का महत्व, पारण का सही समय और नियमों के बारे में जानकारी दी गई है। जानें कि कैसे इस विशेष दिन पर व्रत का पालन करना चाहिए और क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए। सही समय पर पारण करने से व्रत का पूरा पुण्य प्राप्त होता है।
| May 13, 2026, 20:16 IST
अपरा एकादशी का महत्व
आज, 13 मई को अपरा एकादशी का व्रत मनाया जा रहा है, जिसे अत्यधिक फलदायी माना जाता है। इस व्रत के माध्यम से भक्त श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त करते हैं, जिससे घर में सुख और समृद्धि का वास होता है। एकादशी व्रत में पारण का विशेष महत्व है, और इसे सही समय पर करना आवश्यक है। शास्त्रों के अनुसार, यदि पारण का समय सही नहीं है, तो व्रत का पूरा पुण्य नहीं मिलता।
अपरा एकादशी व्रत का पारण कब होगा?
अपरा एकादशी का पारण 14 मई 2026, गुरुवार को किया जाएगा। इस दिन पारण का शुभ समय सुबह 6:04 बजे से लेकर 8:41 बजे तक रहेगा। द्वादशी तिथि 14 मई को सुबह 11:20 बजे समाप्त होगी।
एकादशी व्रत का पारण कैसे करें?
एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के भीतर करना चाहिए। यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है, तो पारण सूर्योदय के बाद करना चाहिए। इसके अलावा, हरि वासर के दौरान पारण नहीं करना चाहिए।
एकादशी व्रत पारण के नियम
- पारण के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
- भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें।
- ब्राह्मण या जरूरतमंद को अनाज, जल या पीले वस्त्रों का दान करें।
- व्रत खोलने से पहले भगवान को अर्पित तुलसी का सेवन करें।
- सात्विक भोजन का सेवन करें।
- यदि निर्जला व्रत रखा है, तो पहले जल या फल लेकर व्रत खोलें।
- पारण के भोजन में प्याज, लहसुन या तामसिक चीजें न डालें।
