अपरा एकादशी 2026: पारण का सही समय और नियम

अपरा एकादशी का व्रत 2026 में 14 मई को मनाया जाएगा। इस दिन पारण का शुभ समय सुबह 6:04 से 8:41 बजे तक रहेगा। जानें व्रत खोलने के नियम और सही समय के बारे में। सही तरीके से पारण करने से भक्त श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त करते हैं।
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अपरा एकादशी का महत्व

आज, 13 मई को अपरा एकादशी का व्रत मनाया जा रहा है, जिसे अनंत फलदायी माना जाता है। इस व्रत के माध्यम से भक्त श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त करते हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। एकादशी व्रत में पारण का महत्व अत्यधिक है, और इसे सही समय पर करना आवश्यक है। शास्त्रों के अनुसार, यदि पारण का समय सही नहीं है, तो व्रत का पूरा पुण्य नहीं मिलता।


अपरा एकादशी व्रत का पारण कब होगा?

अपरा एकादशी का पारण 14 मई 2026, गुरुवार को किया जाएगा। इस दिन पारण का शुभ समय सुबह 6:04 बजे से लेकर 8:41 बजे तक रहेगा। द्वादशी तिथि 14 मई को सुबह 11:20 बजे समाप्त होगी।


एकादशी व्रत का पारण कैसे करें?

एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि के भीतर ही करना चाहिए। यदि द्वादशी तिथि सूर्योदय से पहले समाप्त हो जाती है, तो पारण सूर्योदय के बाद करना चाहिए। इसके अलावा, हरि वासर के दौरान पारण नहीं करना चाहिए।


एकादशी व्रत पारण के नियम


  • पारण के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।

  • भगवान विष्णु की पूजा विधिपूर्वक करें।

  • यदि संभव हो, तो किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को अनाज, जल या पीले वस्त्रों का दान करें।

  • व्रत खोलने से पहले भगवान विष्णु को अर्पित तुलसी दल का सेवन करें।

  • पारण का भोजन सात्विक होना चाहिए।

  • यदि निर्जला व्रत रखा है, तो पहले जल या फल लेकर व्रत खोलें।

  • प्याज, लहसुन या तामसिक चीजों का सेवन न करें।