मई 2026 का दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग: पूर्णिमा से पूर्णिमा तक का सफर
मई 2026 का विशेष संयोग
मई 2026 एक अनोखा और महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग लेकर आ रहा है, जो धार्मिक दृष्टि से भी खास है। इस महीने की शुरुआत वैशाख पूर्णिमा से होगी और इसका समापन भी पूर्णिमा के दिन होगा। इस प्रकार, मई का महीना पूर्णिमा से शुरू होकर पूर्णिमा पर ही समाप्त होगा।
पूर्णिमा से शुरू होने वाला महीना
इस महीने की शुरुआत 1 मई को वैशाख पूर्णिमा से होगी, जिसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह तिथि हिंदू और बौद्ध धर्म में अत्यधिक पवित्र मानी जाती है, इसलिए इस दिन विशेष पूजा और दान का महत्व है।
बुद्ध पूर्णिमा का महत्व
मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा और जल का दान करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए भी यह दिन विशेष है, क्योंकि इसी दिन भगवान गौतम बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण हुआ था। हिंदू धर्म में इस दिन स्नान, तप और दान को फलदायी माना गया है।
महीने का अंत विशेष पूर्णिमा पर
मई का समापन 31 मई को ज्येष्ठ अधिक पूर्णिमा के साथ होगा। अधिक मास में पड़ने के कारण इसका महत्व और बढ़ जाता है।
अधिक पूर्णिमा का महत्व
अधिक मास की पूर्णिमा लगभग ढाई से तीन साल के अंतराल में आती है। इसे पुरुषोत्तम मास या मलमास की पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है।
धार्मिक ग्रंथों में महत्व
धार्मिक ग्रंथों जैसे स्कंद पुराण, पद्म पुराण, नारद पुराण और भविष्य पुराण में इस पूर्णिमा को 'सर्व सिद्धिदायिनी' कहा गया है। यह तिथि साधक को सफलता और सकारात्मक फल प्रदान करने वाली मानी जाती है।
शुभ कार्यों की सूची
दोनों पूर्णिमा तिथियों पर व्रत, विष्णु मंत्रों का जाप और सत्यनारायण कथा का पाठ करना लाभकारी माना गया है। इसके अलावा, गंगा, यमुना या नर्मदा जैसी पवित्र नदियों में स्नान और अपनी सामर्थ्यानुसार दान करने से जीवन में सुख और शांति आती है।
