टोक्यो पैरालंपिक 2020: ग्रेटर नोएडा के प्रवीण ने ऊंची कूद में जीता रजत पदक

drru

प्रवीण कुमार ने भारत की तरफ से 2.07 मीटर की छलांग लगाते हुए देश ही नहीं एशिया के लिए भी कीर्तिमान रच सिल्वर मेडल हासिल किया।
 ग्रेटर नोएडा के जेवर के छोटे से गांव गोविंदगढ़ से निकले प्रवीण कुमार ने शुक्रवार को जापान के टोक्यो में आयोजित पैरालंपिक में इतिहास रच कमाल कर दिया। शुक्रवार सुबह भारतीय समयानुसार हाई जंपर प्रवीण का मुकाबला 7 बजकर 30 मिनट पर शरू हुआ। 

अमर उजाला से हुई फोन पर बातचीत में प्रवीण कुमार और उसके कोच दोणाचार्य अवॉर्ड विजेता सतपाल सिंह ने देश के लिए पदक लाने की बात कही थी जो सच हुई और प्रवीण ने आज रजत पदक जीत लिया। उनकी इस जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर बधाई दी है। प्रवीण की जीत से न सिर्फ उनका गांव बल्कि पूरा देश गौरवांवित है।


गोविंदगढ़ के रहने वाले प्रवीण कुमार को प्रज्ञान पब्लिक स्कूल में पढ़ाई के दौरान 2016 से ऊंची कूद का शौक लगा था। जिसके बाद स्कूल ने 2016 से ही प्रवीण कुमार को स्कूल और उसके बाद जिला स्तर पर खिलाया।

इन प्रतियोगिताओं में लगातार जीत हासिल करने के बाद प्रवीण ने 2017 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित 22वें सीबीएसई क्लस्टर और उसके बाद नेशनल एथलेटिक्स मीट में स्वर्ण पदक हासिल किया। जिसमें प्रवीण ने 1.84 मीटर की छलांग लगाई।

2018 में प्रवीण कुमार को स्कूल की तरफ से खेलो इंडिया के तहत विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भेजा गया जहां लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। वर्ष 2019 में दुबई में आयोजित सीनियर वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीत के साथ ही प्रवीण कुमार का चयन टोक्यो में होने वाले पैरालंपिक 2020 के लिए हुआ। आखिरकार वो दिन आ ही गया जब प्रवीण ने देश के लिए खेलते हुए अपने गांव गोविंदगढ़, जेवर, गौतमबुद्ध नगर का नाम रोशन किया है।

दोणाचार्य अवॉर्ड विजेता कोच को प्रवीण से गोल्ड मेडल की उम्मीद अमर उजाला से बातचीत में प्रवीण के कोच सतपाल सिंह ने बताया प्रवीण कुमार ने वर्ल्ड ग्रैंड प्रिक्स एथलेटिक्स एशियन गेम्स दुबई में 10 से 13 फरवरी 2021 तक आयोजित प्रतियोगिता में अपने ही पुराने रिकॉर्ड 1.84 को तोड़ते हुए 2.05 मीटर की छलांग लगाई है। इस प्रतियोगिता में अंडर-14 के तहत प्रवीण का चयन हुआ था। इस रिकॉर्ड के बाद प्रवीण से स्वर्ण पदक की और भी उम्मीद बढ़ गई। अब उनके रजत पदक जीतने से वो बेहद खुश हैं।
ये भी पढ़ें
 

Post a Comment

From around the web