Gorakhpur राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गोरखपुर को देंगे सौगात

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उतरप्रदेश में यह पहली बार होगा कि किसी एक सिटी में दो यूनिवर्सिटी खोले जायेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से भविष्य में यह इतिहास में दर्ज होगा।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद गोरखपुर जनपद के भटहट ब्लॉक के पिपरी-तरकुलहा में राज्य के पहले आयुष विश्वविद्यालय का उदघाटन करेंगे। इसके साथ ही गोरक्षपीठ के अधीन संचालित गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय सोनबरसा मानीराम का लोकार्पण भी होगा। सेवा और स्वावलंबन आधारित उच्च व दक्षतापूर्ण शिक्षण के ये दोनों ही संस्थान शिक्षा के साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र में पूर्वाचल की पहचान को नया आयाम देंगे। दो नए विश्वविद्यालयों की सौगात मिलने के साथ ही गोरखपुर की शैक्षिक उपलब्धियों में कुल चार विश्वविद्यालय हो जाएंगे। 

पहले जब राष्ट्रपति गोरखपुर आये थे तो उन्होंने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह में बतौर मुख्य अतिथि परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 तक गोरखपुर को सिटी ऑफ नॉलेज के रूप में प्रतिष्ठित होने की मंशा जताई थी। एक विश्वविद्यालय की नींव रखने और दूसरे का लोकार्पण करने आ रहे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 10 दिसम्बर 2018 को भी गोरखपुर आए थे।

शिक्षा और चिकित्सा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उनके राजनीतिक जीवन के शुरूआत से ही निजी प्राथमिकता का विषय रहा है। वाकई राष्ट्रपति की मंशा के अनुरूप मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में गोरखपुर बहुत तेजी से ज्ञान की नगरी बनने की दिशा में आगे बढ रहा है।

इनमें सबसे पहले गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना का सबसे बड़ा श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दादागुरु और तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ को है जिन्होंने अपने बनाए दो कॉलेज विश्वविद्यालय राज्य सरकार को दान में दे दिए थे। 

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