डीएनए टेस्ट से पता चलेगा बेसमेंट में मिली हड्डियां किसकी थीं

drru

पुलिस को शक है कि खुद की मौत का स्वांग रचने वाले आरोपी राकेश ने किसी और की हत्या करके तो शवों को नहीं दफनाया दिया। पुलिस डीएनए रिपोर्ट आने के बाद पहले से दर्ज महिला और बच्चों के अपहरण के मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाएगी। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के चिपयाना गांव स्थित पंच विहार कॉलोनी स्थित मकान के बेसमेंट की खुदाई के दौरान मिली हड्डियों को पुलिस ने डीएनए टेस्ट के लिए भेजा है। पुलिस का मानना है कि फॉरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट के बाद ही पता चल सकेगा कि ये हड्डियां किसकी थीं। 

एडीसीपी सेंट्रल नोएडा अंकुर अग्रवाल ने बताया कि बेसमेंट की खुदाई के दौरान मिली हड्डियों को फॉरेंसिक जांच और डीएनए टेस्ट के लिए भेजा गया है। डीएनए रिपोर्ट से स्पष्ट हो सकेगा कि बेसमेंट की खुदाई में मिली हड्डियां किसकी थीं। डीएनए रिपोर्ट आने के बाद आरोपी राकेश की असलियत का पता चल सकेगा। दरअसल, पुलिस का मानना है कि जो व्यक्ति अपनी मौत का स्वांग रचने के लिए दोस्त का कत्ल कर सकता है। हो सकता है कि उसने अपनी पत्नी और बच्चों को बचाने के लिए किसी दूसरे को मार दिया हो इसलिए डीएनए रिपोर्ट के बाद असलियत का पता चल सकेगा। इसके बाद पुलिस महिला और बच्चों के अपरहण के मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाएगी। बिसरखा थाने की पुलिस आरोपी को रिमांड लेकर पूछताछ करेगी।

नोएडा में सोना 80.0 रुपये गिरा, चांदी 230.0 रुपये गिरा
संपत्ति में हिस्सा लेने पहुंची महिला तो बच्चों ने भगाया
---संपत्ति में हिस्सा लेने पहुंची तो बच्चों ने भगाया
हादसा होने पर कार सवारों को पीटा
हादसा होने पर कार सवारों पीटा
सुपरटेक एमरॉल्ड केस : रिटायर हो चुके भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी भी नहीं बचेंगे
सुपरटेक एमरॉल्ड केस : रिटायर हो चुके भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारी भी नहीं बचेंगे
हत्याकांड का खुलासा होने पर बिसरख पुलिस पर उठे सवाल

कासगंज पुलिस द्वारा आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर तिहरे हत्याकांड का खुलासा किए जाने के बाद बिसरख पुलिस पर सवाल उठे हैं। दरअसल, तीन साल पहले बिसरख कोतवाली में महिला और उसके दोनों बच्चों के गायब होने पर आरोपी राकेश के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करवाया गया था। यदि पुलिस सही समय पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ करती तो शायद उसी समय घटना का खुलासा किया जा सकता था।

कासगंज पुलिस के खुलासे के बाद सिरफिरे राकेश के पागलपन का सच सामने आया है। राकेश ने प्रेमिका रूबी का भरोसा जीतने के लिए वेलेंटाइन डे के दिन पत्नी और बच्चों की हत्या की थी। इसके बाद प्रेमिका को अपने प्रेमी राकेश पर विश्वास हो गया था कि वह उसके लिए कुछ भी कर सकता है जिसके बाद दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई थीं।

सिरफिरे आशिक राकेश ने अपने बचपन का प्यार पाने के लिए अपना पूरा परिवार खत्म कर दिया और दोस्त की भी बलि चढ़ा दी। दरअसल, आरोपी राकेश अपने गांव की ही रहने वाली रूबी से प्यार करता था। लेकिन राकेश के परिवार वालों ने उसकी दूसरी जगह शादी कर दी। राकेश का एक बेटा और एक बेटी थी। इसके बावजूद रूबी से उसका मिलना जुलना बंद नहीं हुआ। सिरफिरे आशिक ने बचपन का प्यार पाने के लिए चार लोगों की बलि चढ़ा दी।

Post a Comment

From around the web