होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव: एलएनजी टैंकर को लौटने पर मजबूर किया गया
तनाव के बीच महत्वपूर्ण घटना
फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से एक महत्वपूर्ण घटना सामने आई है। बोत्सवाना के ध्वज वाला एक एलएनजी टैंकर, जिसका नाम 'निडी' है, को शुक्रवार की सुबह अचानक अपना मार्ग बदलकर लौटने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह घटना तब हुई जब टैंकर ने ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा निर्धारित मार्ग से बाहर निकलने का प्रयास किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना इस महत्वपूर्ण जलमार्ग पर ईरान के मजबूत नियंत्रण को दर्शाती है।
नौवहन गतिविधियों की जानकारी
नौवहन से संबंधित जानकारी प्रदान करने वाली एक कंपनी ने इस घटना की पुष्टि की। डेटा और एनालिटिक्स कंपनी 'केप्लर' के अनुसार, बृहस्पतिवार को चार टैंकर और तीन मालवाहक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे, जिससे युद्धविराम के बाद से गुजरने वाले जहाजों की कुल संख्या 12 हो गई। हालांकि, ऐसे अन्य जहाज भी हो सकते हैं जिन्होंने अपनी स्थिति की जानकारी नहीं दी। सामान्य समय में, इस जलडमरूमध्य से प्रतिदिन 100 से अधिक जहाज गुजरते थे।
ट्रंप का बयान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बृहस्पतिवार की शाम को ईरान के युद्धविराम समझौते के प्रभावी होने पर संदेह व्यक्त किया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर लिखा, 'ईरान बहुत खराब काम कर रहा है। ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल गुजरने देने में बहुत खराब काम कर रहा है। कुछ लोग इसे शर्मनाक कहेंगे।' ट्रंप ने यह भी कहा कि 'हमारे बीच ऐसा कोई समझौता नहीं है।' इसके अलावा, उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा कि 'ऐसी खबरें हैं कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों से शुल्क वसूल रहा है।'
व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
व्हाइट हाउस ने युद्धविराम समझौते के तहत जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का समर्थन किया है, लेकिन ट्रंप ईरान की सेना के उस नियंत्रण का विरोध करते हैं जो जलमार्ग पर है। व्हाइट हाउस ने यह भी कहा कि ईरान द्वारा जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाकर राजस्व बढ़ाने की कोशिश का ट्रंप विरोध करते हैं।
