हैदराबाद में बुजुर्ग से 7.12 करोड़ रुपये की ठगी, जालसाज बने पुलिस अधिकारी
हैदराबाद में धोखाधड़ी का मामला
हैदराबाद में, एक 81 वर्षीय व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट धोखाधड़ी के तहत 7.12 करोड़ रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। जालसाजों ने खुद को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर बुजुर्ग को मादक पदार्थ तस्करी के रैकेट में शामिल होने की धमकी दी। पुलिस ने रविवार को इस घटना की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने पीड़ित को 27 अक्टूबर 2022 को फोन किया। उन्होंने खुद को एक कूरियर कंपनी का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि मुंबई से थाईलैंड भेजे गए एक पार्सल में एमडीएमए, पासपोर्ट और कुछ डेबिट और क्रेडिट कार्ड मिले हैं, जिन्हें मुंबई पुलिस को सौंपा गया है।
एक अन्य व्यक्ति ने फिर से बुजुर्ग को फोन किया और खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि वह मादक पदार्थ तस्करी, धन शोधन और आतंकवादी गतिविधियों के एक बड़े रैकेट में शामिल है। जालसाजों ने बैंक खाते के सत्यापन और मामले से बचने के बहाने बुजुर्ग से पैसे ट्रांसफर करवाए।
बुजुर्ग ने दो महीने के भीतर कुल 7.12 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब जालसाजों ने और पैसे मांगे, तो उन्होंने 30 दिसंबर को तेलंगाना साइबर सुरक्षा ब्यूरो में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
डिजिटल अरेस्ट ठगी का एक तरीका है जिसमें जालसाज पुलिस या जांच एजेंसियों के अधिकारियों का रूप धारण कर वीडियो कॉल के माध्यम से पीड़ितों को बंधक बनाकर उनसे पैसे ठग लेते हैं।
