हैदराबाद में बड़े मिलावट घोटाले का खुलासा: नकली घी का कारोबार

हैदराबाद में हाल ही में एक बड़े मिलावट घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें प्राइड डेयरी नामक इकाई पर छापेमारी की गई। यहां देसी घी के नाम पर पाम ऑयल और अन्य घटिया सामग्रियों का उपयोग करके नकली घी तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में मिलावटी उत्पाद जब्त किए। इस मामले ने खाद्य सुरक्षा के मुद्दों को उजागर किया है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे हमेशा प्रमाणित उत्पाद खरीदें।
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हैदराबाद में बड़े मिलावट घोटाले का खुलासा: नकली घी का कारोबार

हैदराबाद में मिलावट घोटाले का विवरण


हाल ही में हैदराबाद में एक गंभीर मिलावट घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जो मार्च 2026 में सामने आया।


घटना का सारांश: हैदराबाद पुलिस की कमिश्नर टास्क फोर्स (गोलकोंडा टीम) और मसाब टैंक पुलिस ने 4 मार्च 2026 को बंजारा हिल्स के भोला नगर, रोड नंबर 12 पर स्थित प्राइड डेयरी नामक इकाई पर छापेमारी की। यहां देसी घी के नाम पर पाम ऑयल, वनस्पति (डालडा) और अन्य घटिया सामग्रियों का उपयोग करके नकली घी तैयार किया जा रहा था।


गिरफ्तार व्यक्ति:



  • मोहम्मद जुनैद हुसैन (उम्र 26 वर्ष), प्राइड डेयरी का मालिक। वह वैध लाइसेंस का दुरुपयोग कर रहा था।


जब्त सामान (कुल मूल्य लगभग ₹18.26 लाख):



  • 460 किलो मिलावटी घी

  • 70 किलो मिलावटी मिक्स्ड घी

  • 2,090 किलो मिलावटी गाय का क्रीम

  • 1,170 किलो मिलावटी भैंस का क्रीम


इसके अलावा, मशीनरी, गैस सिलेंडर, बर्तन, ड्रम और पैकिंग सामग्री भी जब्त की गई। कुल मिलाकर लगभग 3,790 किलो मिलावटी डेयरी उत्पाद जब्त हुए।


मिलावट का तरीका: आरोपी ने क्रीम में पाम ऑयल, वनस्पति और अन्य सस्ते घटक मिलाकर शुद्ध देसी घी जैसा दिखने वाला उत्पाद तैयार किया। यह जहरीला मिलावटी घी आम उपभोक्ताओं, होटलों, रेस्तरां और इवेंट आयोजकों को शुद्ध देसी घी बताकर बेचा जा रहा था, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा था।


कानूनी कार्रवाई:



  • मसाब टैंक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

  • जांच जारी है, और आगे की छापेमारी/पूछताछ की संभावना है।


उपभोक्ताओं के लिए सलाह:



  • हमेशा FSSAI प्रमाणित, ब्रांडेड और विश्वसनीय दुकानों/कंपनियों से घी खरीदें।

  • पैकेजिंग पर लेबल, बैच नंबर, निर्माण तिथि और सामग्री की जांच करें।

  • अगर घी की कीमत बाजार से बहुत कम लगे या गंध/स्वाद संदिग्ध हो, तो खरीदने से बचें।


इस प्रकार के मामले खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती प्रस्तुत करते हैं।