हिमालयन वियाग्रा: कीड़ा जड़ी की अद्भुत शक्तियाँ
शिलाजीत से भी अधिक ताकतवर
शिलाजीत की तुलना में एक विशेष लकड़ी, जिसे कीड़ा जड़ी कहा जाता है, अधिक शक्तिशाली मानी जाती है। आजकल, तनाव और खराब जीवनशैली के कारण लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आ रही है, जिससे महंगे सप्लीमेंट्स की मांग बढ़ गई है। हालांकि, इनमें से कई उत्पाद महंगे होते हुए भी प्रभावी नहीं होते। इस बीच, कीड़ा जड़ी का सेवन करने से घोड़े जैसी ताकत प्राप्त करने का दावा किया जाता है।
कीड़ा जड़ी की विशेषताएँ
यह जड़ी-बूटी पहाड़ों में पाई जाती है और इसे हिमालयन वियाग्रा के नाम से भी जाना जाता है। इसकी पहचान कीड़े जैसी आकृति के कारण होती है। इसकी वैज्ञानिक पहचान ओफियोकॉर्डिसेप्स साइनेंसिस है। यह मुख्य रूप से उत्तराखंड के दुर्गम पहाड़ों में पाई जाती है और इसकी तस्करी के कारण भारत में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
कीमत और उपयोग
कीड़ा जड़ी की कीमत सुनकर आप चौंक सकते हैं। इसकी कीमत 12 से 20 लाख रुपये प्रति किलो तक हो सकती है। इसका उपयोग मुख्य रूप से स्टेमिना बढ़ाने, यौन शक्ति में सुधार और कैंसर से बचाव के लिए किया जाता है। चीन में इसे एथलीटों को सप्लीमेंट के रूप में दिया जाता है।
