हिमाचल विधानसभा के बाहर भाजपा का विरोध प्रदर्शन, प्रवेश शुल्क वृद्धि की मांग

हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने विधानसभा के बाहर प्रवेश शुल्क वृद्धि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जयराम ठाकुर ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने बिना सोचे-समझे निर्णय लिए हैं, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इस वृद्धि से समाज के कई वर्गों में आक्रोश है और पड़ोसी राज्यों की प्रतिक्रिया की चेतावनी दी। ठाकुर ने सरकार के दावों का खंडन करते हुए कहा कि शुल्क में भारी वृद्धि हुई है।
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हिमाचल विधानसभा के बाहर भाजपा का विरोध प्रदर्शन, प्रवेश शुल्क वृद्धि की मांग

भाजपा का विरोध प्रदर्शन

भाजपा ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर के बाहर बजट सत्र के 14वें दिन कार्यवाही शुरू होने से पहले विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने हाल ही में लागू की गई प्रवेश शुल्क वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की। इस प्रदर्शन का नेतृत्व विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने किया। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि उसने हिमाचल-पंजाब-हरियाणा सीमा पर तनाव बढ़ाने वाले "बिना सोचे-समझे निर्णय" लिए हैं।


मीडिया से बातचीत

ठाकुर ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए कहा कि यह मुद्दा गंभीर चिंता का विषय बन गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में विरोध प्रदर्शन बढ़ रहे हैं और पंजाब तथा हरियाणा के ट्रांसपोर्टरों ने नाकाबंदी की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि हमने विधानसभा के अंदर और बाहर दोनों जगह प्रवेश शुल्क का मुद्दा उठाया है, लेकिन सरकार को समझ नहीं आ रहा है कि क्या करना है। उन्होंने कहा कि बिना सोचे-समझे लिए गए निर्णयों से ऐसी स्थितियां उत्पन्न होती हैं।


समाज में आक्रोश

ठाकुर ने बताया कि इस वृद्धि के कारण समाज के कई वर्गों में व्यापक आक्रोश फैल गया है, विशेषकर ऊना, नाहन, नालागढ़, कांगड़ा और बिलासपुर जैसे सीमावर्ती जिलों में। उन्होंने कहा कि प्रवेश शुल्क को लेकर राज्य में भारी असंतोष है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों को दैनिक जीवन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अब तो रिश्तेदारों से मिलने के लिए भी इस शुल्क को पार करना पड़ता है।


सरकार के दावों का खंडन

ठाकुर ने सरकार के इस दावे का खंडन किया कि कोई बड़ी वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि छोटे वाहनों पर प्रवेश शुल्क 40 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है, जबकि बड़े वाहनों पर 1,000 रुपये तक का शुल्क लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि कोई नया बोझ नहीं डाला गया है, लेकिन यह वृद्धि स्पष्ट है।


पड़ोसी राज्यों की प्रतिक्रिया

ठाकुर ने चेतावनी दी कि इस कदम से पड़ोसी राज्यों की ओर से जवाबी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लोग अक्सर पंजाब और हरियाणा की यात्रा करते हैं। यदि पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश के वाहनों पर प्रवेश शुल्क बढ़ाते हैं, तो इससे और भी बड़ी समस्याएं उत्पन्न होंगी।