हिमाचल में भाजपा की सरकार बनने पर यूसीसी लागू करने का निर्णय

हिमाचल प्रदेश में भाजपा की कार्यसमिति ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि यदि उनकी सरकार बनती है, तो यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू किया जाएगा। इसके अलावा, एक राष्ट्र-एक चुनाव के प्रस्ताव को भी समर्थन दिया जाएगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए सीएम सुक्खू को चुनौती दी है। बैठक में विकास और बेरोजगारी के मुद्दों पर भी चर्चा की गई। जानें इस बैठक में और क्या महत्वपूर्ण बातें हुईं।
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हिमाचल में भाजपा की सरकार बनने पर यूसीसी लागू करने का निर्णय

भाजपा की कार्यसमिति की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय

हिमाचल में भाजपा की सरकार बनने पर यूसीसी लागू करने का निर्णय

मंडी। हिमाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने पर यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) को लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार के एक राष्ट्र-एक चुनाव के प्रस्ताव को भी समर्थन दिया जाएगा। यह निर्णय मंडी में आयोजित भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में लिया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में यह जानकारी साझा की। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों की सराहना की और कांग्रेस पर भी तीखा हमला किया।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि जब प्रदेश में भाजपा की सरकार बनेगी, तो बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने के साथ-साथ विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल को विशेष महत्व दिया है, भले ही यह एक छोटा राज्य हो। बैठक के दूसरे दिन भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें प्रभारी श्रीकांत शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. राजीव बिंदल और पूर्व सीएम जयराम ठाकुर भी उपस्थित रहे।

अनुराग ने सीएम सुक्खू को दी चुनौती
अनुराग ने कहा कि असम चुनाव के दौरान हिमाचल के सीएम सुक्खू भाजपा को धर्म और जाति के आधार पर बांटने के झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने सीएम को खुली चुनौती दी कि यदि उनकी बातों में सच्चाई है, तो एक भी आंकड़ा प्रस्तुत करें। उन्होंने दावा किया कि असम में कांग्रेस एक बार फिर हारने वाली है और भाजपा तीसरी बार सरकार बनाएगी।

कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रस्ताव पारित
प्रदेश उपाध्यक्ष विपिन परमार ने कहा कि भाजपा की कार्यसमिति ने यह संकल्प लिया है कि कांग्रेस सरकार के हर भ्रष्टाचार और जनविरोधी निर्णय का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा। इसके लिए व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। यह केवल राजनीतिक संघर्ष नहीं, बल्कि हिमाचल के भविष्य को बचाने की निर्णायक लड़ाई है।