हिमाचल में पंचायत चुनावों पर मुख्यमंत्री सुक्खू की चिंता
मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शुक्रवार को उच्च न्यायालय के उस आदेश पर सवाल उठाए, जिसमें आपदा अधिनियम लागू होने के बावजूद पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया गया था। सुक्खू ने कहा, "हम अदालत से यह जानना चाहेंगे कि क्या आपदा अधिनियम अब निष्प्रभावी हो गया है और इसका कोई महत्व नहीं रह गया है।"
उच्च न्यायालय का आदेश
यह प्रतिक्रिया उच्च न्यायालय द्वारा सरकार को पंचायती राज संस्थानों (पीआरआई) और नगर निकायों के चुनाव 30 अप्रैल 2026 से पहले कराने के निर्देश देने के बाद आई। मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय के कई निर्णय मनमाने हैं और उनकी कोई स्पष्ट कानूनी व्याख्या नहीं है।
आपदा अधिनियम की प्रासंगिकता
सुक्खू ने कहा कि यह केवल पंचायत चुनावों का मुद्दा नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए आपदा अधिनियम की कानूनी व्याख्या और उसकी प्रासंगिकता का भी है। उन्होंने कहा, "हम अदालत से स्पष्टीकरण मांगेंगे कि क्या आपदा अधिनियम का कोई महत्व है? हम फैसले का गहराई से अध्ययन करेंगे और उसके बाद उचित कदम उठाएंगे।"
पंचायत चुनावों का इतिहास
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि पहले शिमला और अन्य क्षेत्रों में दिसंबर और जनवरी में बर्फबारी के कारण पंचायत चुनाव नहीं कराए गए थे, जबकि निचले इलाकों में चुनाव संपन्न हुए थे।
