हिमाचल प्रदेश में बीजेपी नेताओं पर बदले की राजनीति का आरोप
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार पर बीजेपी नेताओं के खिलाफ बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पुलिस और विजिलेंस का दुरुपयोग कर रही है, जिससे विपक्ष की आवाज़ दबाने का प्रयास किया जा रहा है। ठाकुर ने यह भी बताया कि मौजूदा और पूर्व विधायकों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और ठाकुर की चेतावनियों के बारे में।
| Aug 1, 2026, 18:42 IST
जयराम ठाकुर का आरोप
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कांग्रेस सरकार पर "बदले की राजनीति" करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने के लिए पुलिस और विजिलेंस मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ठाकुर ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बीजेपी नेताओं, पूर्व विधायकों और उनके परिवारों के खिलाफ "झूठे और मनगढ़ंत" आपराधिक मामले दर्ज कर विपक्ष की आवाज़ को दबाने का प्रयास कर रही है।
सरकार की रणनीति पर सवाल
ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार को यह लगता है कि वह राजनीतिक रूप से विपक्ष का सामना नहीं कर सकती, इसलिए उसने डराने-धमकाने की नई रणनीति अपनाई है। बीजेपी के लगभग एक दर्जन मौजूदा और पूर्व विधायकों पर या तो मामले दर्ज किए गए हैं या उनके परिवार के सदस्यों को निशाना बनाया गया है। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस आधार के बीजेपी नेताओं की छवि को खराब करने के लिए मामले बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा, पंचायती राज संस्थाओं, नगर निगमों, ज़िला परिषदों और ब्लॉक कमेटियों में बीजेपी के चुने हुए प्रतिनिधियों को भी नोटिस भेजे जा रहे हैं, जिसे उन्होंने परेशान करने का सुनियोजित अभियान बताया।
पुलिस बल का दुरुपयोग
पूर्व मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था पर ध्यान देने के बजाय, पुलिस को राजनीतिक निगरानी के काम में लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हत्याएं, गोलीबारी और हिंसक अपराध हो रहे हैं, फिर भी पुलिस विपक्षी नेताओं की निगरानी में व्यस्त है। आरोप है कि सीनियर अधिकारी देर रात तक निगरानी और फोन टैपिंग में लगे रहते हैं। ठाकुर ने कहा कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ सबूत जुटाना और झूठे आपराधिक मामले बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ राजनीतिक नेताओं के फोन में ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं और विपक्षी नेताओं की बड़े पैमाने पर निगरानी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि राज्य में बीजेपी की सरकार दोबारा बनती है, तो ऐसी गतिविधियों में शामिल अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
