हिमाचल प्रदेश में बम विस्फोट की जांच एनआईए द्वारा की जा रही है

हिमाचल प्रदेश के नालागढ़ में हुए बम विस्फोट की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा की जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से नमूने लिए हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के निवासियों की नींद टूट गई, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ। बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने विस्फोट की जिम्मेदारी ली है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
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हिमाचल प्रदेश में बम विस्फोट की जांच एनआईए द्वारा की जा रही है

मुख्यमंत्री ने दी जानकारी

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को बताया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) सोलन जिले के नालागढ़ में हुए बम विस्फोट की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस घटना के दोषियों की पहचान एनआईए की रिपोर्ट आने के बाद ही संभव होगी।


जांच की प्रक्रिया

मुख्यमंत्री ने सोलन में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य के फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए हैं और इलाके की सीसीटीवी फुटेज की भी जांच की जा रही है।


धमाके की घटना

बृहस्पतिवार तड़के नालागढ़ स्थित एक थाने के पास हुए धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि इससे आसपास के निवासियों की नींद टूट गई। हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। धमाके का प्रभाव इतना जोरदार था कि 40 मीटर दूर स्थित सेना की कैंटीन की खिड़कियां भी टूट गईं।


स्थानीय प्रतिक्रिया

स्थानीय लोगों ने बताया कि धमाके की आवाज 400-500 मीटर की दूरी तक सुनाई दी। बब्बर खालसा इंटरनेशनल और पंजाब सॉवरेनिटी एलायंस ने सोशल मीडिया पर इस विस्फोट की जिम्मेदारी ली है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।


विस्फोट का कारण

एक पोस्ट में दावा किया गया कि विस्फोट के लिए एक आईईडी का उपयोग किया गया और यह पुलिस द्वारा ‘हिमाचल प्रदेश में निर्मित सिंथेटिक ड्रग’ की पंजाब में तस्करी के खिलाफ कार्रवाई न करने के प्रतिशोध में किया गया।


पुलिस की कार्रवाई

इसमें यह भी कहा गया कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो पुलिस प्रशासन के वाहनों और मुख्यालयों में आईईडी लगाए जाएंगे। पुलिस ने नालागढ़ थाने में बीएनएस की धारा 324(4) व 125 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।