हिमंत बिस्व सरमा ने असम के मुख्यमंत्री के रूप में दूसरी बार ली शपथ
हिमंत बिस्व सरमा का शपथ ग्रहण समारोह
हिमंत बिस्व सरमा ने आज असम के मुख्यमंत्री के रूप में एक बार फिर शपथ ली। राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें खानापारा के वेटरनरी मैदान में 11:40 बजे शपथ दिलाई। इस अवसर पर चार अन्य विधायकों ने भी पद की शपथ ली। यह सरमा का मुख्यमंत्री के रूप में लगातार दूसरा कार्यकाल है। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन, राजग शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री, कई केंद्रीय मंत्री, भाजपा के राष्ट्रीय और राज्य पदाधिकारी तथा एनडीए के अन्य नेता भी मौजूद थे। समारोह में कई प्रमुख उद्योगपति, सत्राधिकार और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए।
हिमंत बिस्व सरमा की उपलब्धियां
57 वर्षीय हिमंत बिस्व सरमा असम में लगातार दूसरी बार शपथ लेने वाले पहले गैर-कांग्रेसी मुख्यमंत्री बन गए हैं। उनके साथ शपथ लेने वाले विधायकों में भाजपा के अजंता नियोग और रामेश्वर तेली, सहयोगी दल असम गण परिषद (अगप) के अतुल बोरा और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के चरण बोरो शामिल हैं। अंजता नियोग, अतुल बोरा और चरण बोरो पहले भी सरमा के मंत्रिमंडल में थे, जबकि रामेश्वर तेली ने राज्य की राजनीति में वापसी की है। यह एनडीए गठबंधन की तीसरी सरकार है, जो 2016 में सर्वानंद सोनोवाल के नेतृत्व में सत्ता में आई थी।
असम में भाजपा का बढ़ता प्रभाव
असम, जो कभी कांग्रेस का गढ़ था, अब भाजपा के प्रभाव में आ चुका है। हाल के चुनावों में राजग ने लगातार तीसरी बार दो-तिहाई बहुमत से जीत हासिल की, जिसमें भाजपा को 82 सीटें मिलीं। सहयोगी दल अगप और बीपीएफ को 10-10 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस केवल 19 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस 1978 तक राज्य में सबसे बड़ी पार्टी थी, जब जनता पार्टी ने पहली बार सत्ता में कदम रखा।
राजनीतिक उतार-चढ़ाव का इतिहास
हालांकि, जनता पार्टी सरकार अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी। 1979 से 1985 के बीच असम आंदोलन के दौरान सत्ता कांग्रेस और राष्ट्रपति शासन के बीच झूलती रही। अगप ने 1985 में अपनी पहली जीत दर्ज की और फिर 1996 में सत्ता में आई। कांग्रेस ने 2001 में फिर से सरकार बनाई और 2011 में लगातार तीसरी बार जीत हासिल की। 2016 में भाजपा ने 60 सीटें जीतीं और अगप तथा बीपीएफ के साथ मिलकर 86 सीटों पर कब्जा किया। 2021 के चुनाव में भाजपा ने 60 सीटों पर जीत हासिल की और राजग को 75 सीटें मिलीं। इस बार भाजपा ने 82 सीटें जीतीं, जो किसी भी पार्टी के लिए अब तक की सबसे अधिक हैं।
हिमंत बिस्व सरमा का नेतृत्व
हिमंत बिस्व सरमा ने सर्वानंद सोनोवाल से असम में दूसरी राजग सरकार का नेतृत्व संभाला था। अगप के प्रफुल्ल कुमार महंत के बाद, वह दूसरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने वाले एकमात्र गैर-कांग्रेसी नेता हैं। यह उपलब्धि अब तक केवल कांग्रेस के मुख्यमंत्रियों के नाम थी।
