हिंदू क्रिकेटरों का मांसाहारी शौक: बीफ और सूअर का मांस खाने वाले खिलाड़ी

भारतीय क्रिकेटरों की खान-पान की आदतें अक्सर चर्चा का विषय बनती हैं। इस लेख में हम उन चार क्रिकेटरों के बारे में जानेंगे, जो हिंदू होते हुए भी बीफ और सूअर का मांस खाते हैं। इनमें रोहित शर्मा, पृथ्वी शॉ, नवदीप सैनी और शुभमन गिल शामिल हैं। इन खिलाड़ियों की आदतें और उनके नशे में चकनाचूर होने की खबरें भी चर्चा में हैं। जानें इन क्रिकेटरों की दिलचस्प कहानियाँ और उनके खान-पान के शौक।
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हिंदू क्रिकेटरों का मांसाहारी शौक: बीफ और सूअर का मांस खाने वाले खिलाड़ी

भारतीय क्रिकेटरों की खान-पान की आदतें

हिंदू क्रिकेटरों का मांसाहारी शौक: बीफ और सूअर का मांस खाने वाले खिलाड़ी


भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी अक्सर अपनी खेल प्रतिभा और फिटनेस के लिए चर्चा में रहते हैं। लेकिन उनके खान-पान के शौक भी कम दिलचस्प नहीं हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे क्रिकेटरों के बारे में बताएंगे, जो हिंदू होते हुए भी बीफ और सूअर के मांस का सेवन करते हैं। इसके अलावा, कुछ खिलाड़ियों के शराब के नशे में चकनाचूर होने की भी खबरें हैं।


हिंदू होते हुए भी बीफ और सूअर का मांस खाने वाले क्रिकेटर


1. रोहित शर्मा


भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का नाम इस सूची में सबसे पहले आता है। कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि वह बीफ और सूअर के मांस के शौकीन हैं। कोरोना के बाद जब भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई थी, तब उनके खाने का एक बिल वायरल हुआ था, जिसमें यह दावा किया गया था कि उन्होंने बीफ और सूअर का मांस खाया था। इसके बाद फैंस ने उन्हें ट्रोल किया।


2. पृथ्वी शॉ


टीम इंडिया के युवा सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। शॉ अपनी खराब फिटनेस के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर उनकी कई वीडियो और तस्वीरें वायरल हुई हैं, जिनमें वह नशे में नजर आ रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, शॉ नॉन-वेज खाने के शौकीन हैं और उन्हें मांसाहारी भोजन पसंद है।


3. नवदीप सैनी


तेज गेंदबाज नवदीप सैनी भी बीफ खाने के मामले में चर्चा में रहे हैं। 2021 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला के दौरान, वह अपने साथी खिलाड़ियों के साथ बीफ खाने के लिए रेस्टोरेंट गए थे।


4. शुभमन गिल


युवा बल्लेबाज शुभमन गिल भी बीफ खाने के शौकीन हैं। उन्हें सिडनी में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला के दौरान बीफ के साथ देखा गया था। इस कारण उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था।