हाइजैकिंग अलर्ट से इजराइली लड़ाकू विमानों की तैनाती, असली कारण आया सामने
दुंबई: उड़ान में हाइजैकिंग का अलार्म
30 जून 2026 को वारसॉ से तेल अवीव की ओर जा रही एक यात्री उड़ान में अचानक हड़कंप मच गया, जब विमान से हाइजैकिंग का संकेत देने वाला इमरजेंसी कोड प्रसारित हुआ। इस स्थिति को गंभीर मानते हुए इजराइल और अन्य संबंधित देशों की सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं और विमान की निगरानी के लिए लड़ाकू विमानों को भेजा गया। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि विमान वास्तव में हाइजैक नहीं हुआ था।
हाइजैकिंग का संकेत और सुरक्षा उपाय
यह उड़ान एक Airbus A320 थी, जिसे बुल्गारिया की Electra Airways द्वारा संचालित किया जा रहा था। उड़ान के दौरान, विमान के ट्रांसपोंडर से 7500 कोड प्रसारित हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय विमानन में अवैध हस्तक्षेप या संभावित हाइजैकिंग का संकेत माना जाता है।
इस संकेत के बाद, इजराइली वायुसेना ने दो लड़ाकू विमानों को तैनात किया। तुर्की ने अपने F-16 विमानों के माध्यम से विमान को अपने हवाई क्षेत्र में एस्कॉर्ट किया।
सच्चाई का खुलासा
कुछ समय बाद, अधिकारियों ने पुष्टि की कि विमान में कोई वास्तविक हाइजैकिंग नहीं हुई थी। बुल्गारिया के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि विमान के ट्रांसपोंडर में तकनीकी खराबी के कारण गलत हाइजैकिंग सिग्नल प्रसारित हुआ था। प्रारंभिक रिपोर्टों में पायलट द्वारा गलत कोड भेजने की संभावना भी बताई गई।
इस प्रकार, जो घटना पहले गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में देखी गई, वह बाद में तकनीकी या मानवीय गलती के कारण निकली। अधिकारियों ने पुष्टि की कि कोई वास्तविक खतरा नहीं था।
विमान का सुरक्षित उतारना
सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत, विमान का रुख बुल्गारिया के बर्गास एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया, जहां यह सुरक्षित रूप से उतरा। रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार सभी यात्रियों और चालक दल को कोई नुकसान नहीं हुआ।
इजराइली सेना ने भी बताया कि विमान से संपर्क बहाल हो गया था और किसी सुरक्षा घटना की आशंका नहीं रही।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
7500 जैसे संकेतों को हवाई यातायात में बेहद गंभीरता से लिया जाता है। इसलिए, संबंधित देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम उठाए। बाद में स्थिति सामान्य होने पर यह स्पष्ट हुआ कि विमान पर कोई वास्तविक कब्जा नहीं हुआ था।
इस घटना की जांच में तकनीकी खराबी और गलत सिग्नल के कारणों को देखा गया। यह घटना यह भी दर्शाती है कि विमान से मिलने वाला एक आपात संकेत किस तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा प्रतिक्रिया को सक्रिय कर सकता है।
