हवाई सुरक्षा में चिंताजनक घटनाएं: दिल्ली से लेह की उड़ान में तकनीकी खराबी और झारखंड में एअर एंबुलेंस दुर्घटना

हाल ही में भारत में हवाई सुरक्षा को लेकर दो गंभीर घटनाएं हुई हैं। एक ओर, दिल्ली से लेह जा रही एक यात्री उड़ान को तकनीकी खराबी के कारण लौटना पड़ा, जबकि दूसरी ओर झारखंड में एक एअर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें सभी सात लोग मारे गए। इन घटनाओं ने विमानन सुरक्षा और आपात प्रबंधन तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानें इन घटनाओं के बारे में विस्तार से।
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हवाई सुरक्षा में चिंताजनक घटनाएं: दिल्ली से लेह की उड़ान में तकनीकी खराबी और झारखंड में एअर एंबुलेंस दुर्घटना

हवाई सुरक्षा पर बढ़ती चिंताएं

देश में हवाई सुरक्षा को लेकर हाल ही में दो घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने चिंता को बढ़ा दिया है। एक ओर, दिल्ली से लेह के लिए उड़ान भरने वाले एक यात्री विमान को तकनीकी खराबी के कारण लौटना पड़ा, जबकि दूसरी ओर झारखंड में एक एअर एंबुलेंस एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गई, जिसमें सभी सात लोग मारे गए। इन घटनाओं ने विमानन सुरक्षा, मौसम की चुनौतियों और आपातकालीन प्रबंधन तंत्र पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।


दिल्ली से लेह की उड़ान में तकनीकी समस्या

पहली घटना आज सुबह की है, जब स्पाइसजेट का एक बोइंग 737 विमान दिल्ली से लेह के लिए उड़ान भर रहा था। उड़ान संख्या एसजी 121 ने सुबह 6:08 बजे उड़ान भरी, लेकिन लगभग एक घंटे बाद विमान को तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विमान के एक इंजन में खराबी की आशंका थी, जिसके चलते इसे वापस दिल्ली लौटाने का निर्णय लिया गया।


करीब 6:49 बजे विमान ने सुरक्षित रूप से दिल्ली हवाई अड्डे पर लैंड किया। विमान में लगभग 150 यात्री सवार थे। हवाई अड्डा प्रशासन ने आपात लैंडिंग के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पहले से कर रखी थीं। स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बताया कि विमान को तकनीकी समस्या का सामना करना पड़ा, लेकिन कॉकपिट में आग की कोई चेतावनी नहीं थी। सभी यात्रियों को सुरक्षित रूप से विमान से उतार लिया गया और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। पायलट के समय पर निर्णय और हवाई अड्डे की तत्परता ने एक संभावित गंभीर स्थिति को टाल दिया।


झारखंड में एअर एंबुलेंस दुर्घटना

दूसरी और, झारखंड के चतरा जिले में एक और दुखद घटना हुई। रांची से दिल्ली जा रही एक एअर एंबुलेंस सोमवार शाम को दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह छोटा विमान शाम 7:11 बजे रांची से उड़ान भरा था। उड़ान भरने के कुछ समय बाद, खराब मौसम के कारण विमान ने मार्ग बदलने की अनुमति मांगी। रांची हवाई अड्डे के सूत्रों के अनुसार, विमान ने कोलकाता एटीसी से प्रारंभिक संपर्क स्थापित किया था।


हालांकि, उड़ान भरने के लगभग 23 मिनट बाद, शाम 7:34 बजे विमान से संपर्क टूट गया। यह स्थान वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दक्षिण पूर्व बताया गया। इसके बाद विमान राडार से भी गायब हो गया। चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड के ग्रामीणों ने रात के आकाश में जोरदार धमाका सुना और एक बड़ी वस्तु को गिरते हुए देखा। बाद में मलबा मिलने पर स्थानीय प्रशासन को सूचित किया गया।


इस दुर्घटना में दो पायलट, एक मरीज, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, पेरामेडिक एसके मिश्रा और दो सहायक शामिल थे। सिमरिया के एसडीपीओ शुभम खंडेलवाल ने पुष्टि की कि सभी सात लोगों की मौत हो गई है और शव बरामद कर लिए गए हैं। चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कहा कि प्रथम दृष्टया दुर्घटना का कारण आंधी तूफान प्रतीत होता है, लेकिन वास्तविक कारण की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।


दुर्घटना की जांच और सुरक्षा चिंताएं

दुर्घटना की जांच के लिए विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो और दिल्ली से विशेषज्ञों की टीम घटनास्थल पर भेजी गई है। ब्लैक बॉक्स बरामद करने की प्रक्रिया जारी है। यह ध्यान देने योग्य है कि यह छोटे विमान की दूसरी दुर्घटना है, हाल ही में एक छोटे विमान में यात्रा कर रहे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मृत्यु हुई थी। अब एअर एंबुलेंस के हादसे में सात लोगों की जान जाने से देश में छोटे विमानों से यात्रा के दौरान सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।


इन दोनों घटनाओं ने यह स्पष्ट किया है कि हवाई सुरक्षा में जरा-सी चूक या प्रतिकूल मौसम गंभीर परिणाम ला सकता है, और सख्त मानकों तथा सतत निगरानी की आवश्यकता हमेशा बनी रहती है।