हवाई यात्रा में नई सुविधाएं: 60% मुफ्त सीटें और पारदर्शिता के निर्देश
डीजीसीए ने हवाई यात्रा में नई सुविधाओं की घोषणा की है, जिसमें 20 अप्रैल से सभी एयरलाइंस को 60% सीटें मुफ्त में देने का आदेश शामिल है। यात्रियों को एक साथ बैठाने की सुविधा भी दी गई है। हालांकि, प्रमुख एयरलाइंस ने इस निर्णय का विरोध किया है, यह कहते हुए कि इससे उनकी आय में कमी आएगी। जानें इस नए आदेश के सभी पहलुओं के बारे में।
| Mar 30, 2026, 17:50 IST
हवाई यात्रा के लिए नई घोषणाएं
हवाई यात्रा करने वालों के लिए एक सकारात्मक समाचार आया है। विमानन नियामक डीजीसीए ने आदेश जारी किया है कि 20 अप्रैल से सभी एयरलाइंस को अपनी हर उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध करानी होंगी। पहले, यात्रियों को केवल 20 प्रतिशत सीटें ही मुफ्त में चुनने की अनुमति थी, जबकि अन्य सीटों के लिए उन्हें अतिरिक्त पैसे चुकाने पड़ते थे। डीजीसीए ने यह भी स्पष्ट किया है कि एयरलाइंस को सीट आवंटन के लिए एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति का पालन करना होगा।
यात्रियों के लिए एक साथ बैठने की सुविधा
नए सर्कुलर में यात्रियों की सुविधा के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। रेगुलेटर ने कहा है कि एक ही पीएनआर पर टिकट बुक करने वाले यात्रियों को, जहां तक संभव हो, एक साथ बैठाने का प्रयास किया जाएगा। इसका अर्थ है कि परिवार या दोस्तों के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को अब एक-दूसरे के बगल में बैठने में आसानी होगी।
जानकारी की पारदर्शिता
वर्तमान में, एयरलाइंस पसंदीदा सीट चुनने के लिए ₹200 से लेकर ₹2,100 तक शुल्क लेती हैं। खिड़की वाली सीट या अधिक लेगरूम वाली सीटों के लिए अक्सर अधिक पैसे वसूले जाते हैं। डीजीसीए ने निर्देश दिया है कि एयरलाइंस अपनी वेबसाइट और बुकिंग पोर्टल पर मुफ्त सीटों की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही, खेल का सामान या वाद्य यंत्र ले जाने पर लगने वाले शुल्क और शर्तों को भी स्पष्ट रूप से बताना होगा।
एयरलाइंस का विरोध
इस निर्णय का इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट जैसी प्रमुख एयरलाइंस ने कड़ा विरोध किया है। एयरलाइंस का कहना है कि सीटों से होने वाली आय में कमी आने से उन्हें नुकसान होगा, जिसकी भरपाई के लिए वे टिकट की कीमतें बढ़ा सकती हैं।
फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा, 'एयरलाइंस को कम से कम 60 प्रतिशत सीटों के लिए शुल्क लेने से रोकने पर, उन्हें राजस्व में हुए नुकसान की भरपाई के लिए टिकट की कीमतें बढ़ानी पड़ेंगी।' विमानन कंपनियों ने सरकार से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने का अनुरोध किया है।
