हरिवंश का तीसरी बार राज्यसभा उपसभापति के रूप में निर्वाचन

हरिवंश को शुक्रवार को विपक्ष के उम्मीदवार न उतारने के कारण राज्यसभा के उपसभापति के रूप में निर्विरोध चुना गया। यह उनका तीसरा कार्यकाल है, जिसमें प्रधानमंत्री मोदी ने उनके अनुभव और कार्यशैली की सराहना की। मोदी ने हरिवंश के योगदान को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उनका नया कार्यकाल सदन की गरिमा को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। जानें हरिवंश के कार्यकाल और उनके योगदान के बारे में।
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हरिवंश का निर्विरोध चुनाव

शुक्रवार को विपक्ष द्वारा किसी उम्मीदवार को न उतारे जाने के कारण हरिवंश को राज्यसभा के उपसभापति के रूप में निर्विरोध चुना गया। यह उनका तीसरा कार्यकाल है। हरिवंश का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद यह पद रिक्त हो गया था। राज्यसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सी पी राधाकृष्णन ने चुनाव की तिथि निर्धारित की थी, जो नियम 7 के तहत हुई। प्रस्तावों की सूचना प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि गुरुवार दोपहर 12 बजे थी।


प्रधानमंत्री मोदी की बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरिवंश को पुनः निर्वाचित होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सदन का उन पर गहरा विश्वास दर्शाता है। मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि 17 अप्रैल को पूर्व प्रधानमंत्री चंद्र शेखर की जयंती है, और यह विशेष है कि हरिवंश इस दिन तीसरी बार उपसभापति बने हैं।


हरिवंश की कार्यशैली की सराहना

मोदी ने कहा कि हरिवंश जी का लगातार तीसरी बार निर्वाचित होना सदन के अनुभव और उनके प्रयासों का प्रमाण है। उन्होंने सदन की कार्यवाही को प्रभावी बनाने में हरिवंश के योगदान की सराहना की। मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि हरिवंश का नया कार्यकाल संतुलन और समर्पण के साथ आगे बढ़ेगा।


हरिवंश का योगदान

प्रधानमंत्री ने बताया कि हरिवंश का जन्म जेपी के गांव में हुआ और उनकी शिक्षा काशी में हुई। 2018 में उपसभापति बनने के बाद, उन्होंने 350 से अधिक कार्यक्रमों का आयोजन किया है। इसके अलावा, उन्होंने राज्यों की विधानसभाओं और विधान परिषद के अधिकारियों की मदद के लिए भी समय दिया है।