हरियालो राजस्थान अभियान पर जिला कलक्टर की समीक्षा बैठक

जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधरोपण महाअभियान की तैयारी के लिए साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को पौधरोपण के लक्ष्यों को पूरा करने और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी को समझने के लिए निर्देशित किया। बैठक में विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई, जिसमें ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा शामिल थी। जिला कलक्टर ने अधिकारियों को शिकायतों के समाधान में गंभीरता बरतने और लाभार्थियों को समय पर योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए।
 | 
gyanhigyan

साप्ताहिक समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर चर्चा


जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने हरियालो राजस्थान अभियान को प्राथमिकता देते हुए साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं की विभागवार समीक्षा की।





    • चूरू। जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने सोमवार को डीओआईटी वीसी सभागार में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सभी जिला एवं उपखंड स्तर के अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति के बारे में विस्तृत निर्देश दिए गए।




बैठक का मुख्य विषय हरियालो राजस्थान अभियान के तहत 22 जुलाई को होने वाले जिलेव्यापी पौधरोपण महाअभियान पर केंद्रित रहा।


जिला कलक्टर ने कहा कि यह आयोजन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक है।


हर विभाग को अपने निर्धारित लक्ष्य के अनुसार पौधरोपण सुनिश्चित करने, उनकी जियो टैगिंग करने और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि लगाए गए पौधे जीवित रहें। केवल गिनती पूरी करना पर्याप्त नहीं है।


उन्होंने पौधों की नियमित देखभाल, सिंचाई और संरक्षण की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने की बात कही। विकास अधिकारियों को ग्रामीण क्षेत्रों में बीजारोपण और पौधरोपण गतिविधियों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए कहा गया।


जिला कलक्टर ने ग्रामीण और शहरी सेवा शिविरों की समीक्षा करते हुए कहा कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनना चाहिए और उसका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।


उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि शिविर के दौरान डाटा एंट्री नियमित रूप से की जाए और पात्र लाभार्थियों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिले।


संपर्क पोर्टल की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि अधिकारियों को केवल शिकायतें बंद करने की औपचारिकता नहीं करनी चाहिए, बल्कि परिवादी की वास्तविक संतुष्टि सुनिश्चित करनी चाहिए। असंतुष्ट मामलों का वेरिफिकेशन कर ठोस कार्रवाई की जाए।


उन्होंने वीबीजीरामजी योजना के तहत विकास कार्यों की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियों को शीघ्र जारी करने, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में लाभार्थियों के आवास निर्माण में तेजी लाने और आवास न बनाने वाले लाभार्थियों से वसूली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।


इसके अलावा, ओबीसी सर्वे, जल संचय जन भागीदारी 3.0, कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान, नल जल मित्र, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण एवं शहरी), पीएम स्वनिधि, राजीविका स्वयं सहायता समूहों के गठन और मुख्यमंत्री जनसुनवाई प्रकरणों के निस्तारण की प्रगति की समीक्षा की गई।


इस बैठक में सीईओ श्वेता कोचर, एसीईओ भागचंद खारिया और सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वीसी के माध्यम से सभी उपखंडों के अधिकारी भी जुड़े रहे।