हरियाणा राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की चुनौतियाँ और जीत
कांग्रेस के भीतर की दरारें
हरियाणा में हालिया राज्यसभा चुनाव ने कांग्रेस के अंदर की गहरी दरारों को फिर से उजागर किया है। पार्टी की आंतरिक गुटबाजी ने उसकी चुनावी संभावनाओं को काफी प्रभावित किया है, जिससे एक निर्दलीय उम्मीदवार को अप्रत्यक्ष लाभ मिला है। फिर भी, कांग्रेस ने हरियाणा में एक सीट जीतने में सफलता प्राप्त की। विधानसभा के 90 सदस्यों में से दो आईएनएलडी विधायक मतदान में शामिल नहीं हुए, और पांच वोट - चार कांग्रेस के और एक भाजपा का - अमान्य करार दिए गए। इस प्रकार, प्रभावी मुकाबला 28 वोटों का रह गया, जिसमें जीत के लिए 28 वोटों की आवश्यकता थी।
भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला
भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया ने 39 पहले वरीयता वोट प्राप्त कर पहली सीट पर आसानी से जीत हासिल की, उन्हें 11 अतिरिक्त वोट मिले। दूसरी सीट पर असली मुकाबला देखने को मिला, जहां कांग्रेस के करमवीर सिंह बौध ने आवश्यक 28 वोट प्राप्त किए, जबकि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नंदाल 16 वोटों से पीछे रह गए। गणितीय गणना से यह स्पष्ट होता है कि मुकाबला कितना निकट था। भाटिया के 11 अतिरिक्त वोटों को दूसरी वरीयता के रूप में स्थानांतरित करने की संभावना के साथ, नंदाल 27 वोटों तक पहुँच सकते थे - जीत से केवल एक वोट कम। यदि एक और कांग्रेस विधायक ने क्रॉस-वोटिंग की होती, या भाजपा का अमान्य वोट वैध रहता, तो निर्दलीय उम्मीदवार अप्रत्याशित जीत हासिल कर सकते थे।
दीपेंद्र सिंह हुड्डा की प्रतिक्रिया
राज्यसभा चुनाव परिणामों पर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि आज हम हरियाणा की जनता को बधाई देते हैं। हरियाणा का हर नागरिक बधाई का पात्र है, और वे विधायक भी बधाई के पात्र हैं जिन्होंने हर साजिश का पर्दाफाश किया और लोकतंत्र की रक्षा की। भाजपा ने हर संभव हथकंडा अपनाया। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक राज्यसभा सीट के लिए ऐसी अनैतिक राजनीति पहले कभी नहीं देखी गई। भाजपा ने बहकावे, प्रलोभन, दंड और विभाजन के हर तरीके का इस्तेमाल किया।
भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस की लड़ाई
हुड्डा ने आगे कहा कि हमारी पार्टी और विधायकों ने खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए प्रयास किए। जब यह संभव नहीं हुआ, तो रात के अंधेरे में लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जिन चार वोटों को अमान्य घोषित किया गया है, वे सभी वैध हैं। यह लोकतंत्र की जीत है। हम हरियाणा के हर कोने तक लोकतंत्र को बचाने के लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जिन विधायकों ने अपनी अंतरात्मा और ईमानदारी को बेचा है, वे और उनकी आने वाली पीढ़ियाँ हरियाणा की जनता के सामने जवाबदेह होंगी। कांग्रेस पार्टी उन विधायकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की योजना बना रही है।
