हरियाणा की महिलाओं के लिए पिंक कैब योजना: आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल

हरियाणा सरकार ने महिलाओं के लिए पिंक कैब योजना की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा और इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा। यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके स्वाभिमान को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण है। योजना के अंतर्गत महिलाओं को कई सुविधाएं और लाभ मिलेंगे, जिससे वे परिवहन क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी।
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हरियाणा की महिलाओं के लिए पिंक कैब योजना: आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल

हरियाणा सरकार की नई योजना

हरियाणा की महिलाओं के लिए पिंक कैब योजना: आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहल

चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एक नई पहल की है, जिसे 'पिंक कैब योजना' कहा गया है। इस योजना के तहत महिलाओं को न केवल वाहन चलाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, बल्कि इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण भी प्रदान किया जाएगा।

राज्य सरकार ने युवा सशक्तीकरण और उद्यमिता विकास को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को शुरू करने का निर्णय लिया है। 'पिंक टैक्सी' या 'महिला कैब' का विचार भारत और अन्य देशों में समय-समय पर सामने आया है।

भारत में पहली बार चेन्नई में 2014 में 'पिंक टैक्सी' सेवा शुरू की गई थी, जो महिलाओं द्वारा महिलाओं के लिए थी। इसके बाद बेंगलुरु, कोलकाता और दिल्ली जैसे शहरों में भी इस तरह की सेवाएं शुरू हुईं। वैश्विक स्तर पर भी 2015 के आसपास महिला केंद्रित 'पिंक टैक्सी' मॉडल सामने आए, जिनका मुख्य उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और रोजगार को बढ़ावा देना था।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस बजट में पिंक कैब योजना की शुरुआत के संकेत दिए हैं। राज्य का लक्ष्य लगभग पांच लाख 'लखपति दीदी' बनाने का है, जिसमें से आधी से अधिक महिलाएं पहले ही लखपति बन चुकी हैं। 'लखपति दीदी' स्वयं सहायता समूह की सदस्य होती है, जिसकी वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख रुपये या इससे अधिक होती है।

इस आय की गणना कम से कम चार कृषि मौसमों या व्यापार चक्रों के लिए की जाती है, जिनकी औसत मासिक आय 10 हजार रुपये से अधिक होनी चाहिए। पिंक कैब योजना का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके स्वाभिमान को बढ़ाना है।

राज्य सरकार इस योजना के माध्यम से महिलाओं को वाहन चलाने का प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास कर रही है, ताकि उनमें आत्मनिर्भरता और सुरक्षा की भावना विकसित हो सके। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार प्रदान करना और उन्हें सुरक्षित और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध कराना है।

पिंक कैब योजना के तहत महिलाएं स्वयं वाहन चलाकर आय अर्जित कर सकेंगी और परिवहन क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगी। इस योजना को केंद्र सरकार की 'लखपति दीदी' अवधारणा से जोड़ा गया है, ताकि महिलाएं नियमित आय के स्रोत से जुड़ सकें।

महिलाओं को मिलने वाली सुविधाएं:
– वाहन चलाने का विशेष प्रशिक्षण
– इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद के लिए 10 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण
– स्वरोजगार के लिए वित्तीय और तकनीकी सहायता
– सुरक्षित परिवहन सेवाओं से जोड़ने की व्यवस्था

महिलाओं को मिलने वाले लाभ:
1. आर्थिक सशक्तिकरण
– महिलाएं खुद वाहन चलाकर नियमित आय कमा सकेंगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
2. रोजगार के नए अवसर
– परिवहन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी और बड़े स्तर पर रोजगार सृजित होगा।
3. सुरक्षित यात्रा व्यवस्था
– महिला ड्राइवर होने से महिला यात्रियों को अधिक सुरक्षित महसूस होगा।
4. आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास
– प्रशिक्षण और स्वरोजगार से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
5. हरित परिवहन को बढ़ावा
– इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

प्रदेश सरकार ने युवाओं को उद्यमी बनाने के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत से तीन राज्य उद्यमिता विकास संस्थान स्थापित करने का निर्णय लिया है। प्रत्येक संस्थान में प्रति वर्ष एक हजार युवाओं को उद्यमिता का प्रशिक्षण देने की क्षमता होगी, जिसमें महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित रहेंगी। इसके अलावा, 50 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक राज्य कौशल संकाय प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित करने की योजना भी है।