हरिद्वार के काली मंदिर की अनोखी परंपरा: ट्रेन का हॉर्न बजाना
हरिद्वार के काली मंदिर की अद्भुत परंपरा
हरिद्वार में स्थित एक प्राचीन काली मंदिर के नीचे से गुजरते वक्त ट्रेन का हॉर्न बजाना आज भी परंपरा है. मान्यता है कि ब्रिटिश काल में मां काली के चमत्कार के बाद यह परंपरा शुरू हुई थी.
उत्तराखंड के हरिद्वार में एक अनोखा और चमत्कारी मंदिर है, जो देवी काली को समर्पित है. इसे महाभारत काल से भी पुराना माना जाता है. यह मंदिर एक पहाड़ की गुफा में स्थित है, और हरिद्वार तथा देहरादून को जोड़ने वाली रेलवे लाइन ठीक इसी मंदिर के नीचे से गुजरती है.
एक ट्रैवल कंटेंट क्रिएटर ऋषभ शर्मा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने इस मंदिर की विशेषता को दर्शाया. वीडियो में दिखाया गया है कि जब ट्रेन मंदिर के नीचे से गुजरती है, तो वह हॉर्न बजाती है, जो देवी काली के प्रति श्रद्धा का प्रतीक है.
क्यों बजती है ट्रेन की हॉर्न?
क्यों बजती है ट्रेन की हॉर्न?
ऋषभ शर्मा ने अपनी पोस्ट में इस परंपरा की कहानी साझा की. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर में मां काली की स्वयंभू मूर्ति स्थापित है. ब्रिटिश काल में जब रेलवे ट्रैक का निर्माण शुरू हुआ, तो इंजीनियरों ने मंदिर की ओर जाने वाले पुल को तोड़ दिया था. इसके बाद रेलवे का काम रुक गया. लोगों का मानना है कि मां काली ने इंजीनियर के सपने में आकर चेतावनी दी कि जब तक मंदिर का रास्ता ठीक नहीं किया जाएगा, तब तक रेलवे का काम आगे नहीं बढ़ेगा.
ब्रिटिश काल में रुका था रेलवे का काम
ब्रिटिश काल में रुका था रेलवे का काम
इंजीनियरों ने डरकर पुल को फिर से बनवाया और मंदिर के रास्ते का सम्मान किया. इसके बाद ही रेलवे का काम सुचारू रूप से चला. तब से हर ट्रेन मां काली को सलामी देने के लिए हॉर्न बजाती है. यह परंपरा आज भी जारी है. वीडियो में ऋषभ शर्मा ट्रेन में सफर करते हुए दिखे, और जैसे ही ट्रेन मंदिर के नीचे पहुंची, हॉर्न की आवाज गूंज उठी. उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'हरिद्वार का सबसे अनोखा मंदिर. ऐसा कहा जाता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना मां काली पूरी करती हैं.'
भक्तों की श्रद्धा
हरा किसी ने कहा- जय माता दी
इस पोस्ट को इंस्टाग्राम पर बहुत पसंद किया गया, जिसमें 65,000 से ज्यादा लाइक्स मिले. कमेंट्स में लोग 'जय माता दी', 'जय मां काली' लिखकर अपनी भक्ति जाहिर कर रहे हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्होंने इस मंदिर का अनुभव किया है. यह वीडियो दर्शाता है कि श्रद्धालु मंदिर में मां काली के दर्शन के लिए आते हैं, और ठीक नीचे से ट्रेनें गुजरती रहती हैं.
